issue of settlement rise in rajasthan assembly

विधानसभा में गूंजा मीसाबंदियों का मामला

Published Date-20-Mar-2017 05:10:43 PM,Updated Date-20-Mar-2017, Written by- Lal Singh Fauzdar

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज विधानसभा में मीसाबंदियों का मामला सदन में गूंजा। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में जेल जाने वाले मीसाबंदियों को सुविधाएं दिए जदाने पर सदन में चर्चा हुई। विधायक ज्ञानदेव आहूजा, मोहनलाल गुप्ता ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में मीसाबंदियो का मामला उठाया। ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि पेंशन शब्द के स्थान पर सम्मानदेय शब्द प्रयोग में लाया जाए। साथ ही मीसाबंदियो को यूपी, बिहार की तर्ज पर राशि 12 हजार से बढाकर 25 हजार की जाए। मेडिकल सुविधाएं, टोल फ्री, डांक बंगलों में रुकने की सुविधा देने की मांग भी सदन में उठी।


चर्चा के दौरान आपात काल के हालातों को बताते हुए घनश्याम तिवाड़ी, ज्ञानदेव आहूजा ने खुद के साथ हुए अत्याचार की भी जानकारी सदन मे रखी। तिवाडी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण ही आज लोकतंत्र जिंदा है। इनके संघर्ष के कारण ही 1977 में सत्ता परिवर्तन की लहर आई, 3 लाख लोगों को देशभर में जेल भेजा गया। तिवाड़ी ने कहा कि मीसाबंदियो को सुराज संकल्प पत्र के वादे के अनुसार स्वतंत्रता सेनानी के समान सुविधाएं देनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है तो यह बेवफाई होगी।


उन्होंने लोकतंत्र सेनानी कानून लाने की भी मांग की। यह सम्मान की लडाई है और इससे मीसाबंदियों पर लगे भारत की सुरक्षा के खतरा वाला तमगा तो दूर होगा। मंत्री हेमसिंह भडाना ने सदन को जानकारी देते हुए बताया 19-6-2009 को पूर्ववती सरकार ने बंद कर दिया था। हमारी सरकार ने 28-2-14 को शुरु किया। बाकी मांगों पर संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मीसाबंदियों की मांगों के लेकर मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर उचित कार्रवाई करेंगे।

 

Jaipur, Rajasthan, Vidhansabha, Rajasthan Assembly, Gyandev Ahuja, Mohan Lal Gupta, Rajendra Rathore

Recommendation