Water crisis in the nearby villages of Jhalawar

झालावाड़ शहर के नजदीकी गांवों में गहराने लगा जल संकट

Published Date-17-Apr-2017 04:31:47 PM,Updated Date-17-Apr-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

झालावाड़। झालावाड़ जिले में जलसंकट को दूर करने की हजारों योजना बनी है, लेकिन जलसंकट दूर होता हुआ नहीं दिख रहा है। अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है और कई गांवों में पीने के पानी के लिए अभी से समस्या उत्पन्न होने लग गई है। झालावाड़ से 7 किलोमीटर दूर के रैन बसेरा गांव में अप्रैल के माह में ही जलसंकट का सामना करना पड़़ रहा है।


गांव के करीब मे कृष्ण सागर तलाब है, जो पूरे तरीके से सिर्फ गड्ढ़े में तब्दील हो गया है। तालाब में पानी की तलाश में ग्रामीणों ने गड्ढ़ा खोद दिया है। इसी गड्ढ़े में से पानी लेकर ग्रामीण पीने के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि आसपास में हैंडपम्प भी मौजूद है, लेकिन वो सब नकारा हो गये हैं।


सरकार द्वारा प्रति वर्ष करोड़ों रुपए पेयजल योजनाओं में लगाये जाते हैं, लेकिन लोगों को पीने के पानी के लिए भी मोहताज होना पड़ रहा है। ये हाल राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के गृह विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन के गांव के, जहां कई जगहों पर लोग पानी की टंकी पर लाइनों में लग कर बड़ी मुश्किल से पीने का पानी की जुगत करने में लगे नजर आते हैं। इसी प्रकार झालावाड़ के समीप के गांव झीरनिया में पीने के पानी का इन्तेजाम नहीं होने के कारण महिलाएं एक मात्र कुएं से पानी भरकर ले जा रही है।


झालावाड़ के गागरोन किले के समीप के गांव चंगरी में पूरे गांव के लोग पानी की समस्या से जुझ रहे हैं। यहां कई कई दिनों में पानी आता है और जब भी पानी आता है तो लोग लाइनों में लगकर अपनी बारी का इतेजार करते हुए नजर आते हैं। बहरहाल, ऐसे में जब अभी गर्मी का दौर शुरू हुआ ही है, तभी ये हाल है तो फिर धरती के कंठ सुखा देने वाली गर्मी के समय में यहां क्या हाल होगा, इसके कल्पना करना भी डरवाना लगता है।

 

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