Today meeting on Indus Waters Agreement in Islamabad

सिंधु जल समझौते पर इस्लामाबाद में बैठक आज

Published Date-20-Mar-2017 04:18:29 PM,Updated Date-20-Mar-2017, Written by- FirstIndia Correspondent

लाहौर| उरी हमले के बाद सिंधु जल समझौते पर भारत और पाकिस्तान के बीच टूटी बातचीत फिर शुरू होने जा रही है। जी हां पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सोमवार से आरंभ हो रही स्थाई सिंधु आयोग (पीआईसी) की बैठक में भाग लेने के लिए 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच गया| दो दिवसीय बैठक में भाग लेने जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल में भारत के सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना, विदेश मंत्रालय के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं|

 

वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने वाघा सीमा पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया| वाघा सीमा पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचने नहीं दिया गया| यहां पहुंचने के बाद प्रतिनिधमंडल कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क के रास्ते इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गया|

 

आपको बता दें कि इस बीच भारत सरकार के एक सूत्र ने कहा कि भारत सिंधु जल संधि के तहत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं पर चर्चा करने और उनका समाधान करने के लिए सदा तैयार है| हलांकि सूत्र ने इस बात को दोहराया कि भारत की ओर से 57 साल पुरानी इस संधि के तहत अपने उचित अधिकारों को दोहन करने को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा|

 

बहरहाल, इस बैठक के एजेंडे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है| उरी आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से इस संधि पर बातचीत नहीं करने का फैसला करने के छह महीने के उपरांत यह बैठक होने जा रही है| यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक के एजेंडे को लेकर सहमति बनाने में विलंब से मुद्दों के समाधान के लिए कम समय मिलेगा तो सूत्र ने ना में जवाब दिया|

 

दरअसल सरकारी सूत्र ने कहा, ‘हम इस तरह की बैठकों में हमेशा आशावादी सोच के साथ जाते हैं| अतीत में भी बैठक के एजेंडे को अंतिम रूप देने में विलंब होता रहा है|’ सूत्र ने याद दिलाया कि सात साल पहले उरी-2 और चटक पनबिजली परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं का कैसे समाधान किया गया था| पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला और करगिल जिलों में बनी 240 मेगावाट की उरी-2 परियोजना तथा 44 मेगावाट की चटक परियोजना को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इनकी वजह से वह अपने हिस्से के पानी से वंचित रह जाएगा|

 

Meeting, Indus Water Agreement, Islamabad, India, Pakistan 

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