अरुण जेटली ने पेश किया आर्थिक सर्वे 2018, रोजगार, कृषि, शिक्षा पर फोकस, अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने के संकेत

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/01/29 03:53

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बजट सत्र का आगाज होने के साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में इकोनोमिक सर्वे 2018 पेश किया। इस सर्वेक्षण में सरकार का रोजगार, कृषि, शिक्षा पर फोकस रहा है, वहीं इस बात के भी संकेत दिए गए है कि जल्द ही देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी। आर्थिक सर्वेक्षण में पिछले साल उठाए गए सुधार के नियमों के चलते इस वित्त वर्ष में विकास दर के 7 से 7.5 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

संसद में सोमवार को पेश किए गए इकोनोमिक सर्वे में सरकार ने अगामी वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से उबार कर फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई है। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक विकास दर सात से 7.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त करते हुए कच्चे तेल की कीमतों को चिंता का मुख्य कारण बताया है। 

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जाने के बाद संसद में आज पेश पहले आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.75 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, कृषि क्षेत्र के मुहाने पर अच्छी खबर नहीं है और खेती की विकास दर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

वित्त वर्ष 2018 में जीवीए ग्रोथ 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं वित्त वर्ष 2018 में कृषि सेक्टर की ग्रोथ 2.1 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2018 में इंडस्ट्री की ग्रोथ 4.4 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2018 में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 8.3 फीसदी रहने का अनुमान है।

सर्वे में बताया गया है कि अगले वित्त वर्ष में इकोनॉमी में ग्रोथ की उम्मीद है और बेहतर एक्सपोर्ट के सहारे इकोनॉमी में ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2019 में वित्तीय घाटे के लक्ष्य में मामूली बढ़त संभव है। वित्त वर्ष 2019 में वित्तीय घाटे का लक्ष्य 3 फीसदी रहने का अनुमान है।

जीएसटी कलेक्शन में सुधार की उम्मीद है और आगे जीएसटी रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी। औद्योगिक उत्पादन पिछले साल के मुकाबले घटी है। 2017-18 में अप्रैल से नवंबर तक 3.2 फीसदी ग्रोथ, पिछले साल 4.6 प्रतिशत ग्रोथ थी। खाद्यान्न उत्पादन 27.57 करोड़ टन हुआ, 2016-17 के दौरान 25.16 करोड़ टन उत्पादन रहा। कृषि विकास दर 2.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। सरकार ने निर्माण क्षेत्र में विकास दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान जाहिर किया है।

इकोनोमिक सर्वे में बताया गया है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 18 लाख बढ़ी है। वर्ल्‍ड बैंक के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत ने 30 स्‍थानों की छलांग लगाई है। भारत पहली बार टॉप 100 देशों में शामिल हुआ है। 2017-18 में दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 409.4 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।

आपको बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीति चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दर्शाई जाती है, जिसमें आवश्यक क्षेत्रवार रूपरेखा और सुधार के उपायों की विवेचना होती है। ये सर्वेक्षण भविष्य में बनाई जाने वाली नीतियों के लिए एक दृष्टिकोण का काम करता है। इस सर्वेक्षण को मुख्य आर्थिक सलाहकार और उनकी टीम द्वारा तैयार किया जाता है। इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रहमण्यम हैं, जिन्होंने इस आर्थिक सर्वेक्षण को तैयार किया है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जेल से चुनाव लड़ेगा \'शंभू\'! | Election Express

भाजपा का हाथ थम सकतें हैं विश्वेन्द्र सिंह? | Election Express
इंद्रेश का \'कैलाश\' में राम का \'संकल्प\' | Election Express
कांग्रेस में नहीं थमा CM फेस विवाद, अब बोले राहुल के करीबी भंवर जितेंद्र | Election Express
ट्रिपल तलाक़ के ज़रिए, सरकार का डबल अटैक | अध्यादेश मजबूरी या ज़रूरत ?
पुलिसकर्मी-अफसरों की 10 गुना तक बढ़ाई गई बीमा राशि
1st इंडिया न्यूज़ के चैनल हैड जगदीश चंद्र ने किया डांडिया महारास के पोस्टर का विमोचन
AICC चीफ राहुल गांधी कल फिर आएंगे राजस्थान, डूंगरपुर के सागवाड़ा में करेंगे जनसभा