जीएसटी की दरों में फिर हुआ बदलाव, जानिए क्या-क्या हुआ है सस्ता

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/10 08:41

नई दिल्ली। गुवाहाटी में आज दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। बैठक में कुल 211 वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है। जीएसटी की दरों में किए गए बदलाव के बाद अब जीएसटी के अधिकतम 28 फीसदी वाले स्लैब से कई वस्तुएं बाहर कर दी गई है। जीएसटी दरों में किए गए बदलाव के बाद आम आदमी को इसका फायदा 15 नवंबर से मिलेगा।

जीएसटी काउंसिल ने 178 वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 से घटाकर 18 फीसद कर दी है। वहीं 13 वस्तुओं पर जीएसटी की दर 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद कर दी गई है। इसके अलावा 6 वस्तुओं पर 18 फीसद से घटाकर 5 फीसद, 8 वस्तुओं पर 12 से घटाकर 5 फीसद और 6 वस्तुओं पर 5 से घटाकर 0 फीसद करने का फैसला किया है। गुवाहाटी में हुई काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरूण जटेली ने ये ऐलान किया। 

जेटली ने कहा कि अब रेस्टोरेंट्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का बेनिफिट नहीं मिलेगा। वहीं 7500 रुपए से ज्यादा रेंट वाले होटलों पर आईटीसी सहित 18 फीसदी टैक्स लगेगा। अब एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट 5 फीसदी की स्लैब में आएंगे, जिससे रेस्टोरेंट में भोजन करना अब सस्ता हो जाएगा। इससे पहले एसी रेस्टोरेंट को 28 फीसदी वाले स्लैब में रखा गया था, जिसका कई होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और आम लोगों ने काफी विरोध किया था।

वहीं जीओएम हेड सुशील मोदी ने कहा कि पेंट और सीमेंट 28 फीसदी के ब्रैकट में रहेंगे। इसके अलावा वाशिंग मशीन और एयर कंडीशनर्स जैसे लग्जरी गुड्स को भी 28 फीसदी के ब्रैकट में रखा गया है। सुशील मोदी ने कहा कि हर तरह के च्युइंगम, चॉकलेट, फेशियल मेकअप तैयार करने की चीजें, शेविंग, आफ्टर शेव, शैम्पू, डियोड्रेंट, वाशिंग पाउडर, डिटरजेंट, ग्रेनाइट और मार्बल 28 फीसदी की जगह अब 18 फीसदी वाले स्लैब में शामिल होंगी। 

सुशील मोदी ने कहा कि इस फैसले से सरकार को लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होगा। उनके मुताबिक यह अहम है कि जीएसटी लागू होने के महज 4 महीने के भीतर जीएसटी रेजीम में स्थायित्व आ गया है। अब फाइनेंशियल ईयर खत्म होने में लगभग 4 महीने ही बचे हैं।

गौरतलब है कि आफ्टर शेव, डिओड्रेंट, वॉशिंग पाउडर, ग्रेनाइट और मार्बल जैसे आइटमों पर अब 18 परसेंट टैक्स लगेगा। गौरतलब है कि जीएसटी लागू होने के बाद से ही जरूरी उपयोग की वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स वसूलने को लेकर सरकार की काफी आलोचना हो रही थी। जिसके बाद सरकार द्वारा इन वस्तुओं पर टैक्स कम करने की उम्मीद पिछले कुछ समय से जताई जा रही थी।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
loading...