बाड़मेर रिफाइनरी पर संकट के बादल, हाईकोर्ट ने कम्पनी और सरकार से मांगा जवाब

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/10 04:49

बाड़मेर| बाड़मेर स्थापित होने वाली रिफाइनरी पर एक बार फिर संकट के बादल नजर आ रह है| दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट में सांभरा आशापुरा नमक संघ की ओर से सैकंड स्थगन प्रार्थना पत्र पेश किया गया है| हाईकोर्ट जस्टिस निर्मलजीत कौर की अदालत ने सुनवाई करते हुए एचपीसीएल कम्पनी और राज्य सरकार से इस विषय में जवाब मांगा है|

कम्पनी और याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राकेश अरोडा ने कहा कि बाड़मेर के पचपदरा में परम्परागत प्रकृति पर निर्भर नमक उद्योग के लिए निर्धारित रिजर्व भूमि होने के बावजूद गलत तरीके से रिफाइनरी के लिए एचपीसीएल कम्पनी को भूमि आवंटित की गई है| 

याचिकाकर्ताओं की ओर से गलत तरीके से नमक क्षेत्र की भूमि रिफाइनरी के लिए आंवटित होने और उस पर निर्माण कार्य किए जाने पर स्थगन के लिए याचिका पेश की है| हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार एवं एचपीसीएल कम्पनी से जवाब मांगा गया, लेकिन गुरुवार को जवाब पेश नहीं किया गया| अब हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि 27 नवम्बर को जवाब पेश किया जाए|

 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

जानिए गुलाब के पुष्पों के चमत्कारी उपायों के बारे में | Good Luck Tips

11:00 बजे की सुपर फास्ट खबरें
Big Fight Live | छिटकने लगी \'कलियां\' ! | 12 NOV, 2018
\'Face To Face\' With Divya Dutta, Film Actress and Model | Exclusive Interview
योगी के राम मंदिर बयान पर कांग्रेस का पलटवार
चुनावी नामांकन का क्या महत्व रहता है? किस अंक वाले को किस दिन नामांकन करना शुभ रहेगा?
नीमराणा के डाबड़वास गांव में फूड पॉइजनिंग, मरीजों की तादाद 800 से 1000 के बीच में
न्यायाधीश माथुर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
loading...