'पद्मावति' को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, अब सेंसर बोर्ड करेगा आखिरी फैसला

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/10 05:00

मुंबई| पद्मावती फिल्म को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने संजय लीला भंसाली को बड़ी राहत दी है| जी हां सुप्रीम कोर्ट ने 'पद्मावति' की रिलीज पर बैन लगाने से इन्कार का कर दिया है| सुप्रीम कोर्ट से  'पद्मावति' को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अभी सेंसर बोर्ड फाइनल डिसीजन लेगा| 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक पीटिशन लगाकर फिल्म को बैन करने की मांग की गई जिसे सोमेश चंद्र झा ने की। याचिकाकर्ता सिद्धराज सिंह चूडास्मा का कहना ने इस बात की आशंका जताई कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के चरित्र को जिस तरह दिखाया गया है वो राजपूत समाज को आहत करने वाला हो सकता है। ऐसे में समाज के लोगों को इस बात का मौका मिलना चाहिए कि वो फिल्म को रिलीज से पहले देख सकें।

आपको बता दें कि इस याचिका में ये भी आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर ने इसे बनाने में कुछ ज्यादा ही स्वतंत्रता ली है और तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किया है। इस याचिका में कहा गया है कि फिल्म के गाने में रानी पद्मावती घूमर डांस करती नजर आ रही हैं, जबकि राजघराने की रानियां घमूर और ठुमके नहीं लगाती थीं। इसके साथ ही दीपिका के कपड़ों के कॉस्टयूम पर भी सवाल उठाया गया है। इस याचिका में कहा गया है कि पद्मावती के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेने के बाद ही फिल्म को रिलीज किया जाए।

 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

पूजा पाठ के बाद \'चाणक्य\' ने दिए मंत्र, कार्यकर्ताओं को जीत का पाठ पढ़ा रहे हैं शाह

28 सितंबर को जोधपुर आएंगे पीएम मोदी, तीनों सेनाओं के प्रमुखों से करेंगे संयुक्त कॉन्फ्रेंस
जलते तिरंगे से क्या है \'भगवा\' कनेक्शन ? भरतपुर में क्या महंत ने किया गाय से दुष्कर्म ?
जयपुराइट्स को जल्द मिलेगी बॉटनिकल पार्क की सौगात, द्रव्यवती प्रोजेक्ट के उद्घाटन के साथ खुलेगा पार्क
राजस्थान के चुनावी रण में राहुल गांधी 20 सितंबर को फिर आ रहे दस्तक देने
ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों से ही होंगे प्रदेश में चुनाव
3 साल से रोजगार के इंतजार में आवेदक, अल्पसंख्यक मामलात विभाग में निकली थी भर्ती
बिजली कर्मचारियों का महापड़ाव बना \'शक्तिस्थल\'