आपको बता दें कि पाकिस्तान और क्षेत्र के कई देशों के साथ मिलकर चीन वन बेल्ट वन रोड परियोजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना के तहत पीओके, गिलगित बालटिस्तान के कुछ इलाकों को शामिल किए जाने को लेकर भारत इसका विरोध कर रहा है। चीन की ओर से दावा किया जाता है कि इस परियोजना से दुनिया के बड़े हिस्सों को आर्थिक गलियारे में जोड़ा जा सकेगा।

चीन के तमाम दबाव के बावजूद भारत इसमें शामिल नहीं है। अमेरिका समेत तमाम बड़े पश्चिमी देश इससे दूरी बनाए हुए हैं। इसमें 50 बिलियन डॉलर का चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी शामिल है। यह कॉरिडोर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरना है, लेकिन भारत ने इस पर आपत्ति जताई है।

", "sameAs": "http://www.firstindianews.com/news/US-experts-told-PM-Modi-the-only-leader-of-the-world-to-stand-up-against-China-1470966666", "about": [ "Works", "Catalog" ], "pageEnd": "368", "pageStart": "360", "name": "अमेरिकी विशेषज्ञ ने पीएम मोदी को बताया चीन के खिलाफ खड़े होने वाला दुनिया का एकमात्र नेता", "author": "FirstIndia Correspondent" } ] }

अमेरिकी विशेषज्ञ ने पीएम मोदी को बताया चीन के खिलाफ खड़े होने वाला दुनिया का एकमात्र नेता

Published Date 2017/11/17 01:00,Updated 2017/11/17 03:49, Written by- FirstIndia Correspondent

वॉशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर चीनी मामलों के एक शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ ने अपनी राय जाहिर की है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को चीन के खिलाफ आवाज उठाने वाला एकमात्र नेता बताया है। विशेषज्ञ ने कहा है कि पीएम मोदी विश्व के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना 'बेल्ट एंड रोड', जिस पर अमेरिका ने भी चुप्पी साध ली, उसी परियोजना का विरोध किया था।

हडसन इंस्टीट्यूट के सेंटर ऑन चाइनीज स्ट्रैटिजी के निदेशक एवं जाने-माने अमेरिकी थिंक-टैंक माइकल पिल्सबरी ने अमेरिकी सांसदों के सामने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वकांक्षी परियोजना के खिलाफ नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम ने हमेशा खुलकर अपनी बात रखी और मुखर तरीके से विरोध किया। आंशिक रूप से इसका एक कारण यह भी है कि 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' से भारतीय संप्रभुता के दावों का उल्लंन होता है।' 

पिल्सबरी ने कहा कि विश्व में अभी तक कोई वैश्विक नेता इसके खिलाफ खड़ा हुआ है तो वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। कुछ हद तक ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि चीन की यह परियोजना चीन-भारतीय संप्रभुता के दायरे का भी उल्लंघन करती है। उन्होंने इस मामले पर अभी तक अमेरिकी सरकार की चुप्पी पर भी निशाना साधा। पिल्सबरी ने कहा कि बेल्ट एंड रोड परियोजना की शुरुआत के 5 साल हो चुके हैं। शुरुआती समय को छोड़ दिया जाए तो अमेरिकी सरकार इस पर लगभग खामोश ही रही है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान और क्षेत्र के कई देशों के साथ मिलकर चीन वन बेल्ट वन रोड परियोजना पर काम कर रहा है। इस परियोजना के तहत पीओके, गिलगित बालटिस्तान के कुछ इलाकों को शामिल किए जाने को लेकर भारत इसका विरोध कर रहा है। चीन की ओर से दावा किया जाता है कि इस परियोजना से दुनिया के बड़े हिस्सों को आर्थिक गलियारे में जोड़ा जा सकेगा।

चीन के तमाम दबाव के बावजूद भारत इसमें शामिल नहीं है। अमेरिका समेत तमाम बड़े पश्चिमी देश इससे दूरी बनाए हुए हैं। इसमें 50 बिलियन डॉलर का चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी शामिल है। यह कॉरिडोर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरना है, लेकिन भारत ने इस पर आपत्ति जताई है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

Stories You May be Interested in


Most Related Stories


-------Advertisement--------



-------Advertisement--------