भारतीय मीडिया सरकार की आलोचना नहीं कर सकती, सत्ता पार्टी परेशान करती है -अमेरिका

Published Date 2018/04/21 06:37,Updated 2018/04/21 06:42, Written by- FirstIndia Correspondent

वाशिंगटन। अमेरिका की माने तो भारतीय मीडिया ना सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए स्वतंत्र है और ना ही उसकी आलोचना करने के लिए आजाद है। भारत के पत्रकारों और पत्रकारिता पर ये राय ट्रंप प्रशासन की एक रिपोर्ट ने दिया है जिसके मुताबिक देश में जो मीडिया संस्थान सरकार की आलोचना करती है सत्ता पार्टी उसे परेशान करती है। 

गौरतलब है कि यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने वार्षिक ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट पेश किया है जिसके अनुसार भारत का संविधान फ्रीडम ऑफ स्पीच और एक्सप्रेशन की बात तो करता है लेकिन वो स्पष्ट रूप से प्रेस की स्वतंत्रता का जिक्र नहीं करता है। हालंकि अमेरिका ये मानता है कि बारत में मीडिया के अधिकारों का सम्मान किया जाता है, लेकिन साथ में ही वो ये भी कहता है कि सरकार के आलोचनात्मक मीडिया के आउटलेट को दबाने या परेशान करने की कोशिश करती है।

मीडिया वॉचडॉग द हूट्स इंडिया फ्रीडम रिपोर्ट की माने तो भारत में जनवरी 2016 और अप्रैल 2017 के बीच में ही 54 जर्नलिस्ट्स पर हमले किये गये हैं, वहीं सरकार द्वारा तीन टेलीविजन समाचार चैनलों को बैन तक किया जा चुका है। वहीं 45 इंटरनेट शटडाउन और 45 व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि ये रिपोर्ट एनडीटीवी के खिलाफ सीबीआई रेड, हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर बॉबी घोष की बर्खास्तगी और कार्टूनिस्ट जी बाला की गिरफ्तारी के मुद्दों का जिक्र करती है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट ने गौरी लंकेश और टीवी पत्रकार सांतौ भौमिक की हत्या के बारे में भी विस्तार से बताया है। 

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