कोटा में चंबल रिवर फ्रंट मामले में NGT का बड़ा फैसला, प्रकरण में निर्माण के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज

कोटाः कोटा में चंबल रिवर फ्रंट मामले में NGT ने निर्माण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. NGT ने अशोक मलिक और द्रुपद मलिक की याचिका को खारिज करते हुए एजीटी की भोपाल बैंच में जस्टिस एसके सिंह की खंडपीठ ने आदेश दिए है. 

खंडपीठ ने गुजरात इंजीनियरिंग रिसर्च द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को सही माना है. रिपोर्ट के अनुसार पर्यावरण नियमों का कोई उल्लंघन नहीं माना गया. जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम-1981 का उल्लंघन नहीं माना गया. 

जबकि याचिकाकर्ता ने याचिका में बताया कि पूरी  तरह वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन रिवर फ्रंट का कंस्ट्रक्शन घड़ियाल अभयारण्य इलाके में हुआ है. नदी के किनारों पर कॉमर्शियल एक्टिविटी की जा रही है जो पूरी तरह अवैध है. कोटा UIT ने कोई परमिशन भी नहीं ली और पर्यावरण स्वीकृति भी नहीं ली.