इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के कारण आतंकवाद कम हुआ और कालेधन पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, लेकिन एक साथ कालेधन की वापसी नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले भ्रष्ट लोग कालेधन से मौजमस्ती कर रहे थे, लेकिन जब से नोटबंदी हुई है, भ्रष्टाचार पर अकुंश लगा है। आम आदमी ने ही नोटबंदी का समर्थन किया और इसी वजह से केंद्र सरकार को भ्रष्टाचार पर अकुंश लगाने में सफलता मिल रही है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद धन के बैंकों में जमा होने से बैंकिंग सिस्टम को भी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि शैल कंपनियों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई चल रही है, जिससे भी केंद्र सरकार को फायदा होगा। नोटबंदी के बाद 7 लाख 62 हजार के जाली नोट भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में एनपीए की संख्या मोदी सरकार के कार्यकाल में नहीं बढ़ी है, बल्कि एनपीए की धनराशि में ब्याज की वजह से वृद्धि हुई है।
 

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नोटबंदी के फायदे गिना रहे केंद्रीय मंत्री के पास नहीं रोजगार को लेकर कोई आंकड़े

Published Date 2017/11/08 04:38,Updated 2017/11/08 04:54, Written by- Amar Sharma

जयपुर। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने नोटबंदी का 1 साल पूरा होने के अवसर पर आज जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि, नोटबंदी देश के हित में लिया हुआ निर्णय है और इस साहसिक निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी हिम्मत से लिया है। आने वाले सालों में इसका प्रभाव और ज्यादा बढ़ेगा। देश हित में नोटबंदी एक अमिट छाप छोड़ेगा।

फर्स्ट इंडिया से एक्सकलुसिव बातचीत में सुरेश प्रभु ने कहा कि मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं, क्योंकि मैं मोदी सरकार में मंत्री हूं और उनके नीचे काम करता हूं। मैं इसलिए ऐसा कह रहा हूं, क्योंकि वाकई देश को बढ़ाने के लिए नोटबंदी जरूरी थी।

नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने नोटबंदी के फायदे गिनाए। इस दौरान जब उनसे पूछा गया, कि नोटबंदी के बाद रोजगार के अवसर बढ़े है या फिर कम हुए हैं। तो इसके जवाब में प्रभु ने कहा कि यह तो इस तरह का सवाल हुआ कि इस साल नागालैंड में कितनी बारिश हुई। प्रभु यह नहीं बता सके कि नोटबंदी के बाद रोजगार कितना बढ़ा है या फिर कितना घटा है। उन्होंने कहा कि इस वक्त उनके पास कोई आंकड़े नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बेरोजगारी बढ़ी है, तो आप ही बेरोजगारों की संख्या बता दो।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के कारण आतंकवाद कम हुआ और कालेधन पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, लेकिन एक साथ कालेधन की वापसी नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले भ्रष्ट लोग कालेधन से मौजमस्ती कर रहे थे, लेकिन जब से नोटबंदी हुई है, भ्रष्टाचार पर अकुंश लगा है। आम आदमी ने ही नोटबंदी का समर्थन किया और इसी वजह से केंद्र सरकार को भ्रष्टाचार पर अकुंश लगाने में सफलता मिल रही है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद धन के बैंकों में जमा होने से बैंकिंग सिस्टम को भी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि शैल कंपनियों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई चल रही है, जिससे भी केंद्र सरकार को फायदा होगा। नोटबंदी के बाद 7 लाख 62 हजार के जाली नोट भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों में एनपीए की संख्या मोदी सरकार के कार्यकाल में नहीं बढ़ी है, बल्कि एनपीए की धनराशि में ब्याज की वजह से वृद्धि हुई है।
 

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