आखिरकार 4 घंटे की मशक्कत के बाद पुष्कर उपखंड अधिकारी विष्णु गोयल द्वारा जिला कलेक्टर गौरव गोयल से फोन पर बातचीत करने के बाद पशुपालकों की मांगों को लिखित में राज्य सरकार तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद दोनों पशुपालक पानी की टंकी से नीचे उतरे और कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले की खास रौनक माने जाने वाले अश्व वंश जैसे घोड़े, गधे, खच्चर और टट्टूओं पर राज्य सरकार के आदेश पर पशुपालन विभाग अजमेर ने अश्व वंश से मनुष्य में फैलने वाली ग्लैंडर नामक गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाव एवं उसकी रोकथाम के लिए अश्व वंश की प्रजाति को अजमेर जिले से बाहर ले जाने और जिले में लेकर आने पर रोक लगा दी। रोक लगने के बाद से पशु पालकों में पशुपालन विभाग और सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है जो दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।

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शोले के 'वीरू' बनकर पानी की टंकी पर चढ़े पशुपालक, लिखित आश्वासन के बाद उतरे नीचे

Published Date 2017/10/25 08:32,Updated 2017/10/25 09:04, Written by- FirstIndia Correspondent

पुष्कर। बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म शोले के वीरू स्टाइल में पानी की टंकी पर चढ़ अपनी बात मनवाने का मामला बुधवार को पुष्कर में उस वक्त सामने आया, जब अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले में घोड़े पर लगी पाबंदी से नाराज दो पशुपालक मेला स्टेडियम के पास बनी करीब 100 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार और प्रशासन से अपनी बातें मनवाने के लिए टंकी से कूदकर जान देने की धमकी देने लगे।

करीब 4 घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे से प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए, जिसके बाद मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों सहित लोगों की भारी भीड़  इकट्ठा हो गई। पशुपालकों से समझाइश का दौर करीबन 4 घंटे तक चलता रहा। इस दौरान सीओ ग्रामीण राजेश वर्मा, पुष्कर थाना प्रभारी महावीर शर्मा, उपखंड अधिकारी विष्णु गोयल, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक भवानी सिंह राठौड़, मेला अधिकारी श्यामसुंदर चांदावत, तहसीलदार विमलेंद्र राणावत मौके पर पहुंच गए।

आखिरकार 4 घंटे की मशक्कत के बाद पुष्कर उपखंड अधिकारी विष्णु गोयल द्वारा जिला कलेक्टर गौरव गोयल से फोन पर बातचीत करने के बाद पशुपालकों की मांगों को लिखित में राज्य सरकार तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद दोनों पशुपालक पानी की टंकी से नीचे उतरे और कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले की खास रौनक माने जाने वाले अश्व वंश जैसे घोड़े, गधे, खच्चर और टट्टूओं पर राज्य सरकार के आदेश पर पशुपालन विभाग अजमेर ने अश्व वंश से मनुष्य में फैलने वाली ग्लैंडर नामक गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाव एवं उसकी रोकथाम के लिए अश्व वंश की प्रजाति को अजमेर जिले से बाहर ले जाने और जिले में लेकर आने पर रोक लगा दी। रोक लगने के बाद से पशु पालकों में पशुपालन विभाग और सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है जो दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।

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