एग्जाम से पहले CBSE ने दिया 10वीं के स्टूडेंट्स को बड़ा तोहफा, पासिंग मार्क्स में की कटौती 

Published Date 2018/02/28 03:04,Updated 2018/02/28 03:12, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। 10वीं कक्षा की परिक्षा और परिक्षा के परिणाम, दोनों ही छात्रों के लिए आक्सर डिप्रेशन का कारण बन जाते हैं। छोटी सी उम्र में ही बच्चे इस कदर परिक्षा की टेंशन ले लेते हैं कि उनके चेहरे से मुस्कान ही गायब हो जाती है। माता-पिता भी यही चाहते हैं कि बोर्ड की परिक्षा में उनका बच्चा बेहतरीन परफॉरमेंस दे, लिहाजा बच्चों के खलने-कुदने पर भी पाबंदी लगा दी जाती है।

परिक्षा का परिणाम इक्षानुसार आए इसके लिए छात्र एक नहीं बल्कि कई कोचिंग ज्वाइन कर लेते हैं। फिर भी कई बार परिणाम उम्मीद से कुछ कम या उम्मीद के बिलकुल विपरीत आने से स्टूडेंटस अवसाद के शिकार हो जाते हैं। कभी कभी तो वो इतने उदास हो जाते हैं कि आत्महत्या तक कर लेते हैं। 

इन्ही सब बातों को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड ने एग्जाम शुरु होने से कुछ ही दिनों पहले एक बदलाव किया है। बोर्ड का यह फैसला स्टूडेंट्स को निस्चय ही राहत प्रदान करने में मददगार साबित होगी। दरअसल, परीक्षा में पासिंग मार्क्स को लेकर बदलाव करते हुए सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के छात्रों को पास होने के लिए ओवरऑल 33 फीसदी अंक जरुरी कर दिए हैं। यानि स्टूडेंट्स को अब एग्जाम में पास होने के लिए सिर्फ इंटरनल और बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करना होगा। 

बता दे कि, पहले स्टूडेंट्स को पास होने के लिए इंटरनल और बोर्ड के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करना होता था, लेकिन अब मात्र 20 अंक की इंटरनल्स और 80 अंक की बोर्ड परीक्षा में मिलाकर 33 फीसदी अंक हासिल करने भर से छात्र पास हो जाएंगे। वैसे यह मानदंड सिर्फ इसी सेशन की बोर्ड परीक्षा के लिए मान्य होगा। 

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