इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए केन्द्र सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो इंवेस्टर को प्राइमरी मार्केट के तहत पॉवर एक्सचेंज में निवेश की मंजूरी दे दी है। केन्द्र सरकार द्वारा यह कदम अपनी एफडीआई नीति को सरल करते हुए देश में विदेशी निवेश लुभाने के लिए उठाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में एफडीआई से भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश, इनकम और रोजगार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर, एफडीआई पर फैसले के बाद कई इंस्ट्रीज इसके विरोध में उतर आई हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने इसका विरोध किया है। संस्था ने एक बयान जारी कर कहा कि सीएआईटी सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट के जरिये 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी का कड़ा विरोध करती है। इससे रिटेल सेक्टर में एमएनसी आसानी से आएंगे। बयान में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने वादों से मुकर रही है।

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सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट के तहत 100% FDI का फैसला, विरोध में उतरी इंडस्ट्रीज

Published Date 2018/01/10 03:24, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने ऑटोमैटिक रूट के तहत कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी 100 फीसदी एफडीआई का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट के जरिये 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश यानि एफडीआई को मंजूरी दी गई है। वहीं केन्द्र सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई क्षेत्रों में एफडीआई नीति में अहम परिवर्तन का ऐलान किया है।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार ने विदेशी निवेश नीति में छूट के साथ ही एयर इंडिया के विनिवेश में विदेशी कंपनियों को 49 फीसदी हिस्सेदारी लेने की छूट भी दे दी है। अब विदेशी एयरलाइन कंपनियां एयर इंडिया में अप्रूवल रूट के तहत हिस्सेदारी लेने के लिए स्वतंत्र हैं। साथ ही कैबिनेट बैठक में सरकारी मंजूरी के जरिये एयर इंडिया में विदेशी एयरलाइंस को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने के प्रावधान वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए केन्द्र सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो इंवेस्टर को प्राइमरी मार्केट के तहत पॉवर एक्सचेंज में निवेश की मंजूरी दे दी है। केन्द्र सरकार द्वारा यह कदम अपनी एफडीआई नीति को सरल करते हुए देश में विदेशी निवेश लुभाने के लिए उठाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में एफडीआई से भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश, इनकम और रोजगार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर, एफडीआई पर फैसले के बाद कई इंस्ट्रीज इसके विरोध में उतर आई हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने इसका विरोध किया है। संस्था ने एक बयान जारी कर कहा कि सीएआईटी सिंगल ब्रांड रिटेल में ऑटोमैटिक रूट के जरिये 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी का कड़ा विरोध करती है। इससे रिटेल सेक्टर में एमएनसी आसानी से आएंगे। बयान में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने वादों से मुकर रही है।

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