सटीक निशाने के लिए हाई लेवल नेवीगेशन :
मिसाइल के सटीक निशाने के लिए निर्भय मिसाइल में बेहद हाई लेवल का नेवीगेशन सिस्टम लगाया गया है। रक्षा वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह मिसाइल ब्रह्मोस की कमी को पूरा करती है, क्योंकि उसकी मारक सीमा 290 किलोमीटर है, जबकि यह 1000 किलोमीटर तक मार सकती है।

5वीं बार में हाथ लगी सफलता :
निर्भय मिसाइल के टेस्ट में वैज्ञानिकों को 5वीं बार में सफलता हाथ लगी है। इससे पूर्व 12 मार्च, 2013 को इस मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया था। उस वक्त इसके एक घटक में गड़बड़ी सामने आने के कारण सुरक्षा कारणों के चलते इसकी उड़ान को बीच रास्ते में ही समाप्त करना पड़ा था। इसके बाद 17 अक्टूबर, 2014 को दूसरा परीक्षण किया गया, जिसकी उड़ान सफल रही थी। तीसरा परीक्षण एक साल बाद 16 अक्टूबर 2015 को किया गया, जिसे उड़ान के 700 सैकंड बाद रोकना पड़ा। चौथा परीक्षण पिछले साल 21 दिसंबर को ओडिशा के बालासोर में किया गया था, जिसमें यह निर्धारित रास्ते से भटक गई थी।

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देश में बनी क्रूज मिसाइल 'निर्भय' का भारत ने किया सफल परीक्षण

Published Date 2017/11/07 06:25, Written by- FirstIndia Correspondent

चांदीपुर। देश में बनी पहली क्रूज मिसाइल 'निर्भय', जो अपने साथ परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है, उसका भारत ने आज सफल परीक्षण किया है। देश में बनी इस पहली स्वदेश निर्मित सब सोनिक क्रूज मिसाइल का आज चांदीपुर के परीक्षण रेंज (आईटीआर) से सफल परीक्षण किया गया। मिसाइल को आज सुबह 11:20 बजे पर एकीकृत परीक्षण रेंज के लांच पैड तीन से एक मोबाइल लांचर के जरिए दागा गया।

स्वदेश निर्मित इस मिसाइल की मारक क्षमता 1 हजार किलोमीटर से भी ज्यादा है। इस मिसाइल का परीक्षण आने वाले तीन दिन तक चलेगा और इसका आखिरी परीक्षण 9 नवंबर को किया जाएगा। लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है, जो अपने आप में एक अलग किस्म की मिसाइल है।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह मिसाइल हर मौसम में काम करने वाली क्रूज मिसाइल है और इसे टेक ऑफ के लिए ठोस रॉकेट बूस्टर से संचालित किया जाता है। इस बूस्टर की वजह से इसमें बीच आसमान में ही मंडराने की क्षमता है, जिससे यह हवा में कई पैंतरेबाजी भी कर सकती है। निर्भय मिसाइल काफी नीची ऊंचाई पर उड़ने में सक्षण है, जिससे यह दुश्मन के रडार से छिपकर उसके ठिकानों को निशाना बना सकता है।

सटीक निशाने के लिए हाई लेवल नेवीगेशन :
मिसाइल के सटीक निशाने के लिए निर्भय मिसाइल में बेहद हाई लेवल का नेवीगेशन सिस्टम लगाया गया है। रक्षा वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह मिसाइल ब्रह्मोस की कमी को पूरा करती है, क्योंकि उसकी मारक सीमा 290 किलोमीटर है, जबकि यह 1000 किलोमीटर तक मार सकती है।

5वीं बार में हाथ लगी सफलता :
निर्भय मिसाइल के टेस्ट में वैज्ञानिकों को 5वीं बार में सफलता हाथ लगी है। इससे पूर्व 12 मार्च, 2013 को इस मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया था। उस वक्त इसके एक घटक में गड़बड़ी सामने आने के कारण सुरक्षा कारणों के चलते इसकी उड़ान को बीच रास्ते में ही समाप्त करना पड़ा था। इसके बाद 17 अक्टूबर, 2014 को दूसरा परीक्षण किया गया, जिसकी उड़ान सफल रही थी। तीसरा परीक्षण एक साल बाद 16 अक्टूबर 2015 को किया गया, जिसे उड़ान के 700 सैकंड बाद रोकना पड़ा। चौथा परीक्षण पिछले साल 21 दिसंबर को ओडिशा के बालासोर में किया गया था, जिसमें यह निर्धारित रास्ते से भटक गई थी।

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