ओवैसी के विवादित बयान का सेना ने दिया करारा जबाव, कहा — सर्व धर्मस्‍थल है सेना

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/02/14 03:58

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में आतंकी हमले में बलिदान देने वाले सेना के पांच जवानों का जिक्र करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विवादास्‍पद बयान दिया है। वहीं ओवैसी के बयान का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है। सेना के लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्‍बु ने कहा कि, 'हम शहीदों को धर्म की नजर से नहीं देखते हैं।' गौरतलब है कि ओवैसी ने कहा था क‍ि शहीद होने वालों में पांच कश्‍मीरी मुसलमान हैं।

भारतीय सेना के जवानों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ने ओवैसी की तीखी आलोचना की। इससे पहले औवेसी ने जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में आतंकी हमले में बलिदान देने वाले सेना के पांच जवानों का जिक्र किया था। वहीं औवेसी ने उन लोगों पर निशाना साधा, जो मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे में सुंजवान हमले को लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने सीमा पार उपजी हताशा का परिणाम करार दिया।

ओवैसी ने कहा कि 'सुंजवान की घटना में पांच कश्मीरी मुसलमानों ने अपना बलिदान दिया है। आप इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं?' हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने आतंकी हमलों से सबक नहीं सीखने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की। ओवैसी ने कहा कि, रात नौ बजे प्राइम टाइम बहस में शामिल होने वाले तथाकथित राष्ट्रवादी लोग मुसलमानों और कश्मीरी मुसलमानों के राष्ट्रवाद पर सवाल करते हैं।'

वहीं दूसरी ओर, औवेसी के बयान का करारा जवाब देते हुए सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने ओवैसी का बिना नाम लिए कहा कि हम अपने शहीदों को धर्म से नहीं जोड़ते। उन्‍होंने कहा कि जो लोग सेना की कार्यशैली नहीं जानते, वह लोग इस तरह का बयान देते हैं। उन्‍होंने कहा कि 'सेना सर्व धर्म स्‍थल है। आर्मी में हर धर्म और संप्रदाय के जवान हैं, लेकिन यहां धार्मिक पहचान मायने नहीं रखता है। हम जवानों को धर्म के आधार पर नहीं बांटते हैं।'

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि आतंकवाद के लिए सोशल मीडिया भी जिम्मेदार है, क्‍योंकि बड़े पैमाने में युवा इसमें फंस रहे हैं। हमें इस पर ध्‍यान देना होगा। उन्‍होंने कहा कि तीनों आतंकी संगठन हिजबुल, जैश और लश्‍कर में कोई अंतर नहीं है। वह एक-दूसरे संगठन में आते जाते रहते हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर कोई भी देख के खिलाफ हथियार उठाएगा तो वह एक आतंकवादी है और सेना उससे बखूबी निपटेगी।

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