बलिदान की अनोखी कहानी है गुड फ्राइडे, पीएम मोदी ने किया ईसा मसीह को याद  

Published Date 2018/03/30 10:57,Updated 2018/03/30 05:48, Written by- FirstIndia Correspondent

नई दिल्ली। ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का अपना एक अगलमहत्व  है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान यीशु ने मानवता की रक्षा के लिए अपने आपको कुरबान कर दिया था। अपने प्राणों की अहुती देकर प्रभु ने विश्व को यह संदेश दिया था कि इसांनों की सेवा करना ही मानव का धर्म है।

भगवान के इसी बलीदान को लोग हर साल अप्रैल या मई महीने में गुड फ्राइडे के रूप में याद करते हैं। ईसाई धर्म के लोग इस दिन चर्च जाकर प्रभु यीशु के सिद्धांतों को याद करते हैं। 

क्यों मनाते हैं लोग गुड फ्राइडे?

गुड फ्राइडे को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, कुछ लोग इसे होली फ्राइडे तो कुछ इसे ब्‍लैक फ्राइडे भी कहते हैं। कहीं-कहीं इसी दिन को ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी मनाया जाता है। ईसाई धर्म के अनिसार कुछ सवार्थी लोगों ने भगवान को निर्दोष होते हुए भी क्रॉस पर लटकाया था और उन्हें कठोर यातना दी थी, फिर भी भगवान ने दया दिखाते हुए यह कहा कि 'हे ईश्‍वर! इन्‍हें क्षमा कर देना, क्‍योंकि यह लोग नहीं जानते कि इनसे क्‍या पाप हो रहा है'

बताया जाता है कि जिस दिन यह अत्याचार भगवान ईसा मसीह के साथ हुआ था, वो दिन फ्राइडे का था और तभी से ईसाई समुदाय इस दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाता है। 

बता दे कि जिस सलीब क्रॉस पर ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था, उसके प्रतीक के रूप में ही आस्थावानों की श्रद्धा स्वरूप लकड़ी का एक तख्ता गिरजाघरों में रखा जाता है। ईसा के अनुयायी आस्था से इस क्रोस को चूमते हैं और गुड फ्राइडे के दिन गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु को याद करते हैं। आज जब मानव अपने स्वार्थ में अंधा हो गया है और उसे चारों तरफ मान निराशा नजर आ रही है, ऐसे में गुड फ्राइडे का दिन लोगों को परमात्मा के सच्चे स्वरुप को जानने में सहायक है।

On Good Friday we recall the courage and compassion of Lord Christ. He dedicated his life to serving others and removing injustice, pain as well as unhappiness from society.

— Narendra Modi (@narendramodi) March 30, 2018

देश भगवान के बलिदानियों को आज याद कर रहा है, इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि " गुड फ्राइडे को हम सभी उस भगवान मसीह के साहस और करुणा याद करते हैं, जो सदैव लोगों की सहायाता करते रहें। भगवान ने अपने जीवन को समाज से अन्याय, दर्द और दुःख को दूर करने के लिए समर्पित कर दिया। 

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