योगी सरकार ने पेश किया UP Budget 2018, जानें राज्य को मिली है क्या-क्या सौगातें

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/02/16 05:04

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिये राज्य बजट पेश किया है। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने योगी सरकार का दूसरा बजट पेश करते हुए राज्य के धार्मिक पर्यटन पर काफी जोर दिया है, जिसके तहत प्रदेश में रामायण से लेकर सूफी सर्किट के विकास के लिए बजट आवंटित किया गया है। योगी सरकार के दूसरे बजट में 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपये का बजट पेश किया। यह पिछले वित्तीय वर्ष के बजट के सापेक्ष 11.4 प्रतिशत ज्यादा है।

विधानसभा में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने वर्ष 2018-19 का देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के बजट को प्रस्तुत किया। इस बजट में कृषि, शिक्षा, रोजगार, ऊर्जा, गौ-रक्षा समेत कई मुद्दों पर जोर देने की कोशि‍श की गई है। यूपी सरकार के अनुसार यह अभी तक का सबसे बड़ा बजट है। अग्रवाल ने घोषणा करते हुए कहा कि इस बजट में किसानों और प्रदेश में रहने वाले बेरोजगार युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

अग्रवाल ने अपने बजट भाषण में बताया कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना एवं सुविधाओं के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। यही नहीं, नई पर्यटन नीति के तहत रामायण सर्किट के साथ कृष्ण सर्किट, बौद्ध सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, सूफी परिपथ, बुंदेलखंड सर्किट और जैन सर्किट के लिए सरकार ने 70 करोड़ रुपए की राशि दी है।

इसके साथ अयोध्या में दीपावली, बरसाना की होली के साथ काशी की देव दीपावली जैसे सांस्कृतिक झांकियों के लिए सरकार ने बजट में दस करोड़ की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने गाजियााबद में कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए 94 करोड़ की व्यवस्था की है। गोरखपुर में आधुनिक ऑडिटोरियम के लिए 29 करोड़ 50 लाख रुपए दिए हैं।

बजट में 44 हजार 53 करोड़ 32 लाख रुपए का राजकोषीय घाटा अनुमानित है। राज्य की ऋणग्रस्तता सकल राज्य घरेलू उत्पाद 29.8 प्रतिशत अनुमानित है। बजट में 27 हजार 99 करोड़ 10 लाख रुपए की राजस्व बचत अनुमानित है। सचिवालय की आंतरिक सुरक्षा के लिए 13.50 करोड़ रुपए, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल कॉलेज के लिए 26 करोड़ और कुंभ मेला के लिए 1500 करोड़ रुपए। बता दें कि अब हर साल अयोध्या में दिवाली, बनारस में देव दीपावली और बरसाना में होली होगी। योगी ने सड़क, बिजली, पानी के साथ-साथ धार्मिक संदेश भी दिया।

इसके अलावा  नगरों में विकास के लिए 300 करोड़ रुपये,  स्मार्ट सिटी मिशन योजना के लिए 1650 करोड़ रुपये,  स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1100 करोड़ रुपये,  अमृत योजना के लिए 2200 करोड़ रुपये, कान्हा गौशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 98 करोड़ 50 लाख रुपये मिले, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 2757 करोड़ रुपये रखे हैं। इसके अलावा मदरसों के आधुनिकीकरण पर 404 करोड़ रुपये और आलिया स्तर के मदरसों के लिए 246 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

बजट में योगी सरकार ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना को विशेष तरजीह दी है, जिसके तहत यूपी के दस शहरों को शामिल किया गया है। इनमें आगरा, बरेली और अलीगढ़ भी शामिल हैं। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत दस शहरों के लिए एक हजार 650 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। फिरोजाबाद और शाहजहांपुर समेत प्रदेश के पांच जनपदों में जिला चिकित्सालय के लिए 500 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-3 के तहत आगरा समेत दो शहरों के मेडिकल कॉलेजों में उच्चीकृत विभाग बनाने के लिए कुल 126 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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