गूगल ने स्पेशल डूडल के जरिए याद किया उर्दू कवि अब्दुल कवी देसनवी को

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/11/01 02:04

गूगल ने 1 नवंबर को अपने डूडल का लोगो ऊर्दू लिपि में डिजाइन करके मशहूर लेखक और साहित्यिक आलोचक अब्दुल कवि देसनवी को याद किया है। इस डूडल में विशेष प्रकार से ऊर्दू की छाप लगाने का प्रयास किया गया है। जानकारी है कि इसे बनाने से पहले और भी कई डिजाइन को बनाया गया था। 1 नवंबर को मशहूर उर्दू लेखक और साहित्यिक आलोचक अब्दुल कावी देसनवी का 87वां जन्मदिन है।

आपको बता दें, देसनवी का जन्म बिहार के नालंदा जिला के देसना में 1 नवंबर 1930 में मुस्लिम विद्वान सैयद सुलेमान नदवी के परिवार में हुआ था।  देसनवी भोपाल के सोफिया कॉलेज में ऊर्दू विभाग के प्रभारी थे। अपने करियर के 50 सालों में उन्होंने हजारों कविताओं के साथ कई किताबें लिखी हैं। उनके पिता सैयद मोहम्मद सई रजा थे जो उर्दू, अरबी व फारसी भाषाओं को प्रोफेसर थे। पिता की वजह से अब्दुल कावि देसनवी को बचपन से ही भाषाओं का अच्छा ज्ञान रहा।

उन्होंने कई प्रसिद्ध कृतियां लिखी। उन्होंने ‘हयात-ए-अबुल कलाम आजाद’ का उर्दू साहित्य में विशेष स्थान रखता है। ये किताब स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन पर लिखी गई थी, जिसे साल 2000 में प्रकाशित किया गया था। रिटायर होने के बाद भी कावि मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी, ऑल इंडिया अंजुमन तरक्की उर्दू बोर्ड और बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के प्रमुख पदों पर रहे। देसनवी की 2011 में 81 की उम्र में भोपाल में मृत्यु हो गई थी।

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