SMS समेत आठ मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को नोटिस, QR कोड आधारित सफाई व्यवस्था लागू नहीं करने पर सख्ती

जयपुर: प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में गंदगी और अन्य दिक्कतें के ऑनलाइन समाधान के लिए शुरू QR कोड सिस्टम के प्रति लापरवाही बरतने पर अब सख्ती शुरू हो गई है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स आधारित(क्यूआर कोड) साफ-सफाई व्यवस्था लागू नहीं करने पर एसएमएस समेत 8 मेडिकल कॉलेजों प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालयों से सम्बद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए थे. यह व्यवस्था लागू होने से राजकीय चिकित्सालयों के शौचालयों एवं परिसर की साफ-सफाई में काफी सुधार देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने एवं नियमित निरीक्षणों के बाद भी मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध कुछ चिकित्सालयों में क्यूआर कोड आधारित सफाई व्यवस्था लागू नहीं की गई है. विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस में स्पष्टीकरण मांगा है. 

इन कॉलेज प्राचार्य को नोटिस

एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर
जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर  
सरदार पटेल चिकित्सा महाविद्यालय, बीकानेर  
राजकीय मेडिकल कॉलेज, डूंगरपुर  
सम्पूर्णानंद चिकित्सा महाविद्यालय,जोधपुर  
RUHS मेडिकल कॉलेज, जयपुर  
RUHS डेंटल कॉलेज, जयपुर  
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीकर

सात अस्पतालों में अनदेखी,SMS प्राचार्य को नोटिस
QR कोड आधारित सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती
SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ राजीव बगरहट्टा को नोटिस
गणगौरी अस्पताल, टीबी अस्पताल,स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट,
आईडीएच चिकित्सालय,एसआर गोयल चिकित्सालय सेठी कॉलोनी,
सैटेलाइट हॉस्पिटल बनीपार्क एवं SSB में लागू नहीं व्यवस्था  
जबकि एसएमएस अस्पताल में लागू की जा चुकी ये व्यवस्था



आखिर क्या है QR कोड व्यवस्था ?
प्रदेश के अस्पताल में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद
गंदगी की दिक्कतों के त्वरित समाधान के लिए QR कोड स्केनर सिस्टम
SMS समेत सभी अस्पतालों में शुरू किया जा रहा QR कोड स्केनर सिस्टम
इस सिस्टम में मरीज, परिजन, स्टॉफ समेत कोई भी कर सकता ऑनलाइन शिकायत
इसके लिए अस्पतालों में जगह-जगह लगाए जाने है QR कोड स्केनर
QR कोड को स्कैन करने पर शिकायतकर्ता के मोबाइल में खुल जाता है गूगल फॉर्म
इस फार्म पर पूरी जानकारी लिखने के साथ ही भेजी जा सकती है फोटो
....और जिम्मेदार एजेंसी को तत्काल शिकायत का समाधान कर अटैक करनी होगी फोटो
इस पूरी कवायद के बाद ही बंद होगी शिकायत