VIDEO: खजूर क्षेत्रफल विस्तार से बीकानेर बन रहा खजूर हब, किसानों को मिल रहा बेहतर लाभ, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: खजूर क्षेत्रफल विस्तार से बीकानेर बन रहा खजूर हब, किसानों को मिल रहा बेहतर लाभ, देखिए ये खास रिपोर्ट

बीकानेर: बीकानेर अब सिर्फ भुजिया और ऊंटों की नगरी ही नहीं, बल्कि खजूर उत्पादन का नया हब भी बनता जा रहा है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत खजूर क्षेत्रफल विस्तार का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है. जिले में 350 हेक्टेयर में खजूर के बगीचे हैं और इस साल अच्छी पैदावार के साथ किसानों को बेहतर बाजार भाव मिलने से उनकी आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. 

रेगिस्तानी जलवायु वाले बीकानेर में खजूर की खेती किसानों के लिए लाभ का सौदा बनती जा रही है. जिले में करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में खजूर के बगीचे विकसित हो चुके हैं. इस वर्ष किसानों को प्रति पौधा 80 से 100 किलो तक उत्पादन मिला, जबकि बाजार में खजूर 50 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. यही वजह है कि अब किसान बड़े स्तर पर खजूर की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

उद्यान विभाग के अनुसार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पश्चिमी राजस्थान में खजूर क्षेत्रफल विस्तार का अभियान सफल साबित हो रहा है. बीकानेर का खजूर अब दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब जैसे बड़े बाजारों तक पहुंच रहा है. प्रगतिशील किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार और बेहतर कीमत मिलने से उनकी आय लगभग दोगुनी हुई है. 

सरकार भी किसानों को खजूर बगीचा लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. टिश्यू कल्चर और ऑफशूट दोनों प्रकार के पौधों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. आधा हेक्टेयर से चार हेक्टेयर तक बगीचा लगाने वाले किसान योजना का लाभ ले सकते हैं. ड्रिप सिंचाई अनिवार्य है और आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे.

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी राजस्थान की जलवायु खजूर उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है. यदि इसी तरह पौधारोपण का दायरा बढ़ता रहा और किसानों को बाजार मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में बीकानेर देश के प्रमुख खजूर उत्पादन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है. रेगिस्तान की धरती पर उगता यह मीठा फल अब किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बन रहा है. सरकारी प्रोत्साहन, बेहतर उत्पादन और अच्छे बाजार भाव ने बीकानेर को खजूर हब बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगा दी है.