जयपुर: राजस्थान में गांव की सरकार के लिए पहले चरण में आज 16 जिलों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होगा. 3,314 सरपंच और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए होने वाले चुनाव में 85 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इधर, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने जयपुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया, लेकिन इस बार चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के नाम हाथ से लिखने और सीमित समय में मतदान की तैयारियां पूरी करने की है.
पंचायत चुनाव 2026:
-गांव की सरकार चुनने के लिए तैयार
-16 जिलों में पंच - सरपंच के चुनाव आज
-3,314 सरपंच के होंगे चुनाव
-28,682 वार्ड पंच चुनेंगे
-9,886 मतदान केंद्रों पर होगा मतदान
-85 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
-मतदान के तुरंत बाद होगी पंच - सरपंच की मतगणना
आज अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान होगा. पहले चरण में 3,314 सरपंच और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया होगी. मतदान के लिए 9,886 केंद्र निर्धारित किए गए हैं. पहले चरण में कुल 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.इनमें 43 लाख 86 हजार 768 पुरुष, 41 लाख 20 हजार 511 महिला और 27 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
जिला स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा 8 लाख 94 हजार 918 मतदाता हैं, जबकि बीकानेर में सबसे कम 2 लाख 67 हजार 602 मतदाता हैं. जयपुर में 7 लाख 43 हजार 640 और उदयपुर में 7 लाख 33 हजार 784 मतदाता गांव की सरकार चुनेंगे. 41 लाख से ज्यादा महिला मतदाताओं की भागीदारी भी इस चुनाव का अहम पहलू है.
पहले चरण में कुल मतदाता: 85,07,306:
- पुरुष मतदाता: 43,86,768
- महिला मतदाता: 41,20,511
- थर्ड जेंडर: 27
सबसे ज्यादा मतदाता:
- भीलवाड़ा: 8,94,918
- जयपुर: 7,43,640
- उदयपुर: 7,33,784
- बाड़मेर: 6,88,347
- नागौर: 6,53,641
सबसे कम मतदाता:
- बीकानेर: 2,67,602
चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह शुक्रवार को जयपुर जिले के दौरे पर रहे. उन्होंने झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की भंबोरी और सांचोती, जोबनेर क्षेत्र की खेजड़ावास और बबेरवालों की ढाणी देहरा तथा सांभरलेक पंचायत समिति क्षेत्र की सुरसिंहपुरा और मुंडवाड़ा ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने चुनावी व्यवस्थाओं, अधिकारियों की नियमों को लेकर जानकारी, कानून-व्यवस्था और मतदान दलों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरपंच चुनाव स्थानीय स्तर पर होने के कारण ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं. प्रत्याशियों और मतदाताओं का सीधा जुड़ाव होने से प्रतिस्पर्धा भी अधिक रहती है. उन्होंने कहा कि आयोग का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी नियमों से भलीभांति परिचित हों. पुलिस बल की तैनाती, मजिस्ट्रेट और पेट्रोलिंग पार्टियों की सक्रियता के साथ मतदान दलों के आवास और भोजन की व्यवस्था भी जांची जा रही है.
बैलेट पेपर की तैयारी बड़ी चुनौती:
- प्रत्याशियों की अंतिम सूची के अनुसार नाम लिखना
- चुनाव चिह्न के सामने सही नाम दर्ज करना
- मतपत्रों की जांच
- मतदान केंद्र की तैयारियां पूरी करना
- 24 अक्टूबर को मतदान
इस चुनाव में सबसे अहम और चुनौतीपूर्ण व्यवस्था मतपत्रों की तैयारी है. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर और मतपेटियों का इस्तेमाल होगा.मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम हाथ से लिखे जाने हैं. ऐसे में अंतिम प्रत्याशी सूची और चुनाव चिह्न के अनुसार सही नाम लिखना, उनकी जांच करना और मतदान केंद्र की तैयारियां समय पर पूरी करना मतदान दलों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी. शुक्रवार को नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार दिन मतदान होना है. सीमित समय में मतपत्र तैयार करने और उनकी जांच की व्यवस्था पर खास नजर रहेगी. राजेश्वर सिंह ने बताया कि बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के नाम हाथ से लिखने की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मेहनत करनी पड़ेगी, लेकिन राजस्थान के कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठ और परिश्रमी हैं. उन्होंने चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने का भरोसा जताया.
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. मतदान समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना कराई जाएगी. इसके बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा. दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को जिला परिषद-पंचायत समिति, 30 अक्टूबर को पंच-सरपंच और 31 अक्टूबर को उपसरपंच चुनाव होगा. तीसरे चरण में 3, 5 और 6 नवंबर तथा चौथे चरण में 14, 16 और 17 नवंबर को संबंधित चुनावी प्रक्रियाएं निर्धारित हैं. पहले चरण में 16 जिलों के 85 लाख से ज्यादा मतदाताओं की नजर अब मतदान पर है.