जयपुर : राजस्थान के 11 जिलों में अकाल और सूखे की आहट सुनाई दे रही है. प्रदेश के 52 शहर और 16 हजार गांव सूखा झेल रहे हैं. 16 जिलों में इस बार औसत से बेहद कम बारिश हुई है. मारवाड़ में इस बार 33 फीसदी से कम बारिश हुई है.
4 IAS अधिकारी पानी, रोजगार और चारे का एक्शन प्लान बना रहे हैं. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार से पैकेज की मांग की है. 16,400 गांव, 52 शहरों में पानी, चारे, रोजगार के लिए एक्शन प्लान बनाया जा रहा है. सरकार सूखाग्रस्त जिलों के लिए बड़े पैकेज की घोषणा कर सकती है.
जयपुर में 1400, चूरू में 934,अजमेर में 1134,ब्यावर में 787, जोधपुर में 1838,बाड़मेर में 2460,जैसलमेर में 961,पाली में 1030, जालोर में 1117,सिरोही में 530,बीकानेर में 919,बालोतरा में 1216, फलौदी में 1064,नागौर में 1589 गांव अकाल और सूखे की चपेट में शामिल हैं.
प्रदेश सरकार अकाल और सूखे की स्थिति को लेकर गंभीर है. पानी का संकट दूर करने के लिए 650 वाहन और 3200 श्रमिक लगाए गए हैं. हैंडपंप मरम्मत के लिए 150 वाहनों की स्वीकृति दी गई है. आपात मद में कलेक्टर को 75 लाख तक व्यय का अधिकार है. कलेक्टर अपने स्तर पर 25 लाख रुपए पानी के लिए मंजूर कर सकेंगे.