नई दिल्ली: लद्दाख को विकास की सौगात मिली है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. VC के जरिए 5 प्रमुख विकास परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की. PM मोदी ने कहा कि लद्दाख में खेलों की अपार संभावनाएं है. लद्दाख में टूरिज्म को नई रफ्तार मिलेगी है. PM मोदी ने कहा कि लद्दाख के लोगों का जीवन आसान होगा.टूरिज्म सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी. लद्दाख की नई पीढ़ी पर सरकार का खास ध्यान है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की 5 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया.
आज लद्दाख की प्रगति और विकास में एक और अध्याय जुड़ा:
पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लद्दाख में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि आज लद्दाख की प्रगति और विकास में एक और अध्याय जुड़ रहा है. मुझे खुशी है कि मैं तकनीक के माध्यम से इस अवसर का हिस्सा बन रहा हूं. आज लद्दाख में कई अहम विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है. इन परियोजनाओं से कई लोगों का सफर आसान होगा. कहीं बिजली की सुविधाएं बेहतर होंगी तो कहीं पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और हमारी प्राचीन विरासत के संरक्षण को भी नई ताकत मिलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि आज जिन अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, उनका भी बहुत महत्व है.
निम्मू पदम दारचा सड़क लद्दाख के लोगों को समर्पित:
पीएम मोदी ने कहा कि आज निम्मू पदम दारचा सड़क लद्दाख के लोगों को समर्पित की गई है. इस पर करीब 2,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. पहले जिस सफर में करीब 12 घंटे लगते थे, वो अब लगभग 3 घंटे में पूरा हो सकेगा. इससे यात्रा का समय भी बचेगा और इस रोड से व्यापार और कारोबार को भी और मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमेशा से यह कहा जाता है कि लद्दाख में प्रकृति के कारण जीवन बहुत मुश्किल होता है. प्राकृतिक वातावरण की अपनी चुनौतियां होती हैं. लेकिन दुर्भाग्य से ऐसी परिस्थितियों के बावजूद पहले की सरकारों ने लद्दाख के विकास को प्राथमिकता नहीं दी. मगर आज केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास बहुत बड़ी प्राथमिकता है.
केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद विकास की जरूरतों पर ध्यान:
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद से यहां विकास की जरूरतों पर और भी ध्यान दिया गया है. 2019 तक लद्दाख में करीब 1800 किमी सड़कों का नेटवर्क था. आज यह बढ़कर 4 हजार किमी से अधिक हो गया है. पहले यहां 19 बड़े पुल थे और आज इनकी संख्या करीब 75 हो गई है. हेलीपैड की संख्या भी 7 से बढ़कर 40 से ज्यादा हो गई हैं.