जयपुर: ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने प्रताप नगर हाउसिंग बोर्ड स्थित कोचिंग हब के तीन टावर गृह विभाग को देने का विरोध किया है. महासंघ ने कोचिंग हब कोचिंग संचालकों को जल्द आवंटित करने की मांग को लेकर आमरण अनशन की चेतावनी दी है. ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार नाडार का कहना है कि एक तरफ तो जेडीए व नगर निगम की ओर से नोटिस देकर गोपालपुरा बायपास स्थित कोचिंग संस्थानों को सीज करने की तैयारी की जा रही है.
वहीं दूसरी तरफ कोचिंग हब कोचिंग संचालकों को आवंटित करने की बजाए सरकारी एजेंसियों को आवंटित किया जा रहा है. इसके चलते कोचिंग संचालकों में असमंजस व भय का माहौल है. उन्होंने आरोप लगाया कि कोचिंग में पढ़ने वाले प्रदेश के जेन जी से कोचिंग हब छीनकर उनके हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है. कोचिंग हब कोचिंग संचालकों को जल्द आवंटित करने की मांग को लेकर महासंघ ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है. इसके लिए आंदोलन का आगाज करते हुए कोचिंग हब संघर्ष समिति का गठन किया गया है.
ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ की मांगें:
-यह पूरा मामला कोचिंग में पढ़ रहे प्रदेश के जेन जी की सुरक्षा व उनके सामाजिक व शैक्षणिक विकास से जुड़ा है
-सुप्रीम कोर्ट ने लोकनाथन मामले में यह गंभीरता से लिया है कि
-सड़क के किनारे अथवा ऐसे स्थानों पर कोचिंग संस्थान किस प्रकार संचालित किए जा रहे हैं
-जहाँ विद्यार्थियों की सुरक्षा, उनके कल्याण तथा पढ़ाई के उचित वातावरण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध नहीं हैं
-सुप्रीम कोर्ट ने कोचिंग हब अन्य विभागों को आवंटित करने के मामले में स्पष्ट कहा है कि
-यह आवंटन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अध्यधीन होंगे
-कोचिंग महासंघ का आरोप है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बावजूद आवासन मंडल ने गृह विभाग को टावर आवंटित कर दिए
-कोचिंग हब के टॉवर इसी तरह अन्य सरकारी विभाग को आवंटित कर दिए गए तो
-गोपालपुरा बायपास पर नियम विरूद्ध संचालित कोचिंग संस्थानों को शिफ्ट करने के लिए निर्धारित एवं वैध सुविधा उपलब्ध ही नहीं रहेगी
-परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की सुरक्षा, कल्याण तथा बिल्डिंग बायलाज तथा सुरक्षित एवं उचित शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी मूल समस्या जस की तस बनी रहेगी
-और जिस उद्देश्य से साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए की लागत से कोचिंग हब का निर्माण किया गया था, वह उद्देश्य कभी पूरा नहीं होगा
-महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने कोचिंग हब में आवंटन के आवेदन के लिए सिर्फ एक बार ही पोर्टल खोला था
-और विगत कंई वर्षों से पोर्टल बंद हैं, जब पोर्टल बंद है तो फिर कोचिंग संचालकों पर यह आरोप क्यों लगाया जा रहा है कि
-कोचिंग संचालक कोचिंग हब में जाना ही नहीं चाहते
-कोचिंग महासंघ खुद मानता है कि गोपालपुरा बायपास पर व्यावसायिक क्षेत्र में अनेक कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं
-जबकि भवन विनियमों के अनुसार कोचिंग सेंटर के संचालन के लिए 500 वर्ग मीटर का न्यूनतम क्षेत्रफल, पर्याप्त पार्किंग,
-समुचित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक सेट बैक तथा बिल्डिंग बायलाज के अन्य प्रावधानों की पालना जरूरी है
जेडीए और नगर निगम की ओर से गोपालपुरा बायपास स्थित 85 कोचिंग सेंटरों को नोटिस दिए जा चुके हैं. ये नोटिस बिना स्वीकृति कोचिंग सेंटर संचालन,भवन विनियमों के उल्लंघन आदि के मामले में दिए गए हैं. नोटिस देकर भवन मालिक से सात दिन में जवाब तलब किया गया है. दूसरी तरफ कोचिंग संचालकों ने कोचिंग हब में शीघ्र आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर कोचिंग हब में ही आमरण अनशन की चेतावनी दी है. आने वाला समय बताएगा कि यह मामला क्या मोड़ लेता है.