जयपुरः भजनलाल सरकार ने आखिरकार बहु प्रतीक्षित मितव्ययता को लेकर परिपत्र जारी कर दिया है. कल हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदन के बाद जारी इस नए परिपत्र में सरकारी खर्चों में कटौती, ऊर्जा संरक्षण और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के वे अहम निर्देश दिए गए हैं जिसके संकेत फर्स्ट इंडिया ने 19 मई को खबर प्रसारित करके दिए थे.
वित्त विभाग ने वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नया परिपत्र जारी किया है.
परिपत्र अनुसार यह रहेगी मितव्ययता की गाइडलाइन
राजकीय वाहनों का उपयोग और यात्रा संबंधी
सरकार ने राजकीय वाहनों के उपयोग को सीमित करने तथा चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल-डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है.
इसके तहत पहले चरण में वे अधिकारी जिनका सामान्य कामकाज शहर के भीतर ही रहता है उनके लिए खरीदे जाने वाले नए वाहन ई-व्हीकल ही होंगे.
संविदा वाहनों में भी चरणबद्ध रूप से ई-व्हीकल के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी.
प्रदेश में ई-व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए संबंधित विभाग समयबद्ध कार्य योजना तैयार करेंगे और मौजूदा सभी लंबित प्रस्तावों को नियमानुसार तत्काल अनुमोदित किया जाएगा.
एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी आदि अपने शासकीय / संविदा / निजी वाहनों में कार पुलिंग (Car Pooling) को प्राथमिकता देंगे.
राजकीय व्यय से विदेश यात्रा पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.
सरकारी बैठकों को अधिकतम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने और ई-ऑफिस व ई-फाइल प्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.
राजकीय कार्यक्रमों,बैठकों के आयोजन के बारे में
राज्य सरकार के विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों आदि द्वारा समय-समय पर आयोजित होते हैं जो कार्यक्रम, समारोह. उनके लिए वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 08.04.2026 की पूरी अनुपालना सुनिश्चित करते हुए शासकीय आयोजन राजकीय भवनों में किये जायेंगे.
बैठकों का आयोजन यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाए.
ऊर्जा बचत के लिए सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने और कार्यालयों में बिजली के मितव्ययी उपयोग के निर्देश दिए गए हैं.
डिजिटल कार्यप्रणाली और प्रशिक्षण
विभिन्न कार्यालयों के मध्य ई-ऑफिस, ई-फाईल का उपयोग सुनिश्चित किया जाये.
भौतिक पत्राचार के स्थान पर राज-काज पोर्टल के उपयोग को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी.
भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के स्थान पर यथासंभव ऑनलाइन प्रशिक्षण दिए जाएं.
प्रशिक्षण के लिए IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए.
योजनाओं का क्रियान्वयन
ऊर्जा विभाग घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत उपयोग को देगा प्राथमिकता.
पी.एम. सूर्यघर योजना के अन्तर्गत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.
कृषि विभाग की ओर से Natural organic and sustainable agriculture को प्रोत्साहन दिया जाएगा
Agri-Stack के पंजीयन को प्रोत्साहन, गैर कृषि कार्यों हेतु यूरिया के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए होगा अभियान
उर्वरकों के उपयोग को औचित्यपूर्ण करने आदि कार्यों के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा.
राजकीय भवनों में विद्युत उपभोग हेतु सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना सुनिश्चित की जाए.
कार्यालयों में ऊर्जा की बचत के लिए कार्यालय समय के दौरान विद्युत उपकरणों का उपयोग मितव्ययता से किया जाए और कार्यालय समय के बाद विद्युत उपकरणों को बंद किया जाना सुनिश्चित किया जाए.
व्यय नियंत्रण के लिए इन दिशा-निर्देशों की कठोरता से अनुपालना के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग के प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्ष उत्तरदायी होंगे.