जोधपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केलावा खुर्द हेलीपैड पहुंचे. रघुवंश पुरम आश्रम में रामकथा को संबोधित किया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऋषि-मुनियों और संतों के बनाए नियम हजारों साल से कायम है. हमारी संस्कृति के जीवन मूल्य आज भी समाज को दिशा दे रहे है. कानून बदलते रहते हैं, लेकिन सांस्कृतिक परंपराओं की सीख आज भी प्रासंगिक है.
भजनलाल शर्मा ने कहा कि रामराज की स्थापना कर्तव्यों के पालन से हुई थी. आज हम अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन कर्तव्यों को पीछे छोड़ रहे हैं. पुत्र, बेटी, माता और बहन के कर्तव्यों को समझना जरूरी है. बड़ों के प्रति मान-सम्मान हमारी संस्कृति का मूल आधार है. कर्तव्यों का पालन करने से समाज में संस्कार और मर्यादा कायम होगी. कर्तव्य निभाकर ही रामराज की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मैं ईश्वरवादी व्यक्ति हूं. रामकथा में बिना निमंत्रण चला जाता था. संत पूरी दुनिया को दिशा देने का काम करते हैं. आज हम अधिकारों की बात करते हैं. सभी को अपने कर्तव्य निभाने चाहिए. भगवान कृष्ण ने कहा है कर्म सबसे बड़ा है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुरलीधर महाराज के चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि संत-महात्मा समाज को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं. संत बताते हैं क्या सही है और क्या गलत, जीवन में कैसे चलना है. ईश्वर की कृपा होती है तभी कहीं जाने का अवसर मिलता है. मुख्यमंत्री ने मुरलीधर महाराज से अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया.
मुख्यमंत्री के पिता भी कई बार आश्रम आकर महाराज की कथा सुन चुके हैं. रामकथा, भागवत और हनुमान कथा के प्रति अपनी श्रद्धा का उल्लेख किया. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि संत-महात्मा लोगों को गलत रास्ते पर जाने से बचाते हैं. संत समाज को भटकने से बचाकर सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं.