जयपुर : सत्ता परिवर्तन की बहस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिक्रिया सामने आयी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'X' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि Regime Change का दिवास्वप्न देखने वालों को समझ लेना चाहिए कि भारत में सत्ता परिवर्तन सड़कों पर भीड़ जुटाकर नहीं, बल्कि जनता के मताधिकार से होता है.
जनादेश को कुचलकर सत्ता हासिल करने की मंशा लोकतंत्र नहीं, लोकतंत्र की मर्यादाओं को चुनौती है. विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाकर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती.
सत्ता परिवर्तन की बेचैनी है, तो जनता के बीच जाइए, जनविश्वास जीतिए और चुनाव में अपनी ताकत साबित कीजिए. भारत का लोकतंत्र किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का बंधक नहीं है. यहाँ न भीड़ का दबाव अंतिम फैसला करता है, न साजिशें, यहां निर्णय केवल जनता करती है, उनका जनादेश करता है.
Regime Change का दिवास्वप्न देखने वालों को समझ लेना चाहिए कि भारत में सत्ता परिवर्तन सड़कों पर भीड़ जुटाकर नहीं, बल्कि जनता के मताधिकार से होता है। जनादेश को कुचलकर सत्ता हासिल करने की मंशा लोकतंत्र नहीं, लोकतंत्र की मर्यादाओं को चुनौती है। विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाकर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती। सत्ता परिवर्तन की बेचैनी है, तो जनता के बीच जाइए, जनविश्वास जीतिए और चुनाव में अपनी ताकत साबित कीजिए। भारत का लोकतंत्र किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का बंधक नहीं है। यहाँ न भीड़ का दबाव अंतिम फैसला करता है, न साजिशें, यहां निर्णय केवल जनता करती है, उनका जनादेश करता है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 16, 2026