VIDEO: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े पात्र किसानों बीमा क्लेम का भुगतान करने के निर्देश, कृषि विभाग ने उठाया बड़ा कदम, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े पात्र किसानों बीमा क्लेम का भुगतान करने के निर्देश, कृषि विभाग ने उठाया बड़ा कदम, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े पात्र किसानों को बीमा क्लेम की राशि का समय पर भुगतान दिलवाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. अब फसल बीमा क्लेम की गणना और प्रीमियम भुगतान की तिथि से 21 दिन के भीतर बीमा क्लेम का भुगतान नहीं करने वाली बीमा कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी और कंपनी को 12 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान करना होगा. उधर, पुराने मामलों में क्लेम नहीं देने के चलते विभाग ने सात बीमा कंपनियों को नोटिस जारी कर परिपत्र भी जारी किया है. बीमा कंपनी पर कैसे कसी जाएगी नकेल और क्या लिखा परिपत्र में.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2018 से रबी-20222-23 तक लंबित करीब 90 करोड़ रुपए के फसल बीमा क्लेम के भुगतान प्रकरणों में आठ बीमा कंपनियों को नोटिस जारी किया है.. साथ ही इन प्रकरणों में 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से दंडात्मक ब्याज भी तय कर दिया. विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए परिपत्र भी जारी किया है. जिससे खुलासा किया कि आगे से बीमा कंपनियों को क्या करना होगा ताकि बीमा के पात्र किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी पड़े. कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बीमा कंपनियों को साफ तौर पर लिखा कि लंबित भुगतान प्रकरणों में जिला कलेक्टर और विभाग की ओर से बार-बार अनुरोध और निर्देशित करने बाद भी बीमा कंपनियां पात्र किसानों की लिस्ट जारी नहीं कर रही और लाभ नहीं दिया जा रहा है.

--- कृषि विभाग ने ासात बीमा कंपनियों पर निकाला बकाया ---
बीमा कंपनी-------------------------------------मूल रकम------------ब्याज सहित
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड...34.968------51 करोड़ रुपए से अधिक
बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड--1.392----------1.87 करोड़ रुपए
जनरल सेंट्रल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, जयपुर----0.768----------1.04 करोड़ रुपए
एचडीएफसी एर्ग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड--3.801--------5.53 करोड़ रुपए
इंडसइंड (रिलायंस) जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड--2.584-----3.70 करोड़ रुपए
एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड-----------39.047-----52.79 करोड़ रुपए
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड----0.971-------1.23 करोड़ रुपए

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पात्र किसानों के लंबित प्रकरणों को देखते हुए कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने एक परिपत्र भी जारी किया है. लिखा की आदेश पूर्व और वर्तमान सभी बीमा कंपनियों पर लागू होंगे. यदि पूर्व के प्रकरणों में ब्याज सहित क्लेम का भुगतान नहीं किया जाता है तो बीमा कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

--- कृषि विभाग ने यह लिखा परिपत्र में ---
-फसल बीमा क्लेम की गणना और प्रीमियम भुगतान की तारीख से 21 दिन के भीतर करना होगा भुगतान
-बीमा कंपनी ने क्लेम का 21 दिन की अवधि में नहीं किया भुगतान तो करना देना होगा ब्याज 
-तय दिवस में भुगतान नहीं करने की स्थिति में बीमित राशि में 12 प्रतिशत ब्याज राशि के साथ भुगतान करना होगा
-राज्य या केंद्र सरकार से प्रीमियम राशि प्राप्त होने के बाद भी भुगतान नहीं करने के प्रकरण में बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी
-जिन प्रकरणों में दावा राशि का भुगतान NEFT के माध्यम से प्रेषित किया गया हो
-यदि किसी किसान का बैंक खाता सत्यापन नहीं होता है या नेफ्ट बाउंस के कारण या बीमित फसल के पालिसी धारक किसान की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे सभी प्रकरणों में पात्र किसान की पहचान करना और बीमा क्लेम के भुगतान का प्राथमिक दायित्व बीमा कंपनी का होगा
-प्रावधानों के अनुसार नियत 21 दिनों में भुगतान नहीं होने पर देरी की अवधि में 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सहित भुगतान करना होगा 

बतादें कि अभी कंपनी बहाने बनाकर भुगतान देरी से करती थी. RTGS फैल हो गया, EKYC नहीं हुई, बैंक खाता गलत है. लेकिन परिपत्र में समस्त जिम्मेदारी कंपनियों पर डाली गई है. कृषि विभाग ने कंपनियों की सभी बहानेबाजी को दूर करने का प्रयास किया है. केंद्र सरकार से निर्धारित अंशदान प्राप्त होते ही राज्य सरकार के हिस्से का इंतजार किए बिना तुरंत भुगतान करना होगा. उधर, कृषि आयुक्त सप्ताह में दो दिन इंश्योरेंस कंपनियों से भुगतान संबंधी मीटिंग भी कर रहे हैं. कुल मिलाकर प्रदेश के किसानों को समय पर बीमा क्लेम का भुगतान दिलवाना है.