जयपुर: राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के साथ-साथ अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के प्रति भी गरिमापूर्ण, शालीन और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निर्देश जारी किए हैं.
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पुलिस का कार्य जनसेवा और जनविश्वास पर आधारित है. पुलिस के समक्ष आने वाले आमजन अक्सर किसी समस्या, तनाव या मानसिक आघात से पीड़ित होते हैं. ऐसे नाजुक समय में पुलिसकर्मियों की ओर से किया गया सकारात्मक संवाद और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार पीड़ित व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करता है. एडीजी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार होता है तो उसका भरोसा और आत्मविश्वास प्रभावित होता है. इसलिए पुलिसकर्मियों को विपरीत परिस्थितियों, लंबे समय की ड्यूटी या अत्यधिक दबाव के बावजूद स्वयं को संयमित रखते हुए पीड़ित नागरिकों के साथ धैर्य, विनम्रता और संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के व्यवहार से पीड़ित में सुरक्षा, विश्वास और न्याय की भावना पैदा होती है.खास बात यह है कि पुलिस मुख्यालय ने इसी संवेदनशीलता को विभाग के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों के संबंधों में भी लागू करने पर जोर दिया है. पत्र में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों का व्यवहार अधीनस्थों के मनोबल, कार्यक्षमता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता को सीधे प्रभावित करता है.
PHQ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जब आंतरिक स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझते हुए सौहार्दपूर्ण व्यवहार करते हैं, तो विभाग में ‘टीम भावना’ का विकास होता है. इससे पुलिस बल का मनोबल ऊंचा रहता है और वह अत्यधिक दबाव में भी पूरी निष्ठा, ऊर्जा और कुशलता के साथ राजकार्य का निष्पादन कर पाता है.पुलिस मुख्यालय ने अधिकारियों को आमजन और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ गरिमापूर्ण एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं के यथासंभव समाधान का प्रयास करने के लिए पुनः निर्देशित किया है. साथ ही निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है.एडीजी के पत्र में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग, जयपुर की ओर से 12 मई 2026 को जारी आदेश का भी उल्लेख किया गया है. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और विशेष रूप से परिपत्र क्रमांक 636, दिनांक 23 जनवरी 2019 का हवाला देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.