जयपुरः केंद्र सरकार ने जनगणना नियमों में बड़ा बदलाव किया है. जनगणना में अब निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल होंगे. अब निजी स्कूलों के शिक्षक भी जनगणना में लगाए जाएंगे. बैंककर्मी, कंपनियों और ट्रस्टों के कर्मचारी भी जनगणना करेंगे. सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों की तैनाती भी हो सकेगी.
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को नियुक्ति की अनुमति मिली है. बॉम्बे हाई कोर्ट में मामला आने के बाद नियमों में संशोधन किया गया. जनगणना अभियान में करीब 35 लाख गणनाकर्मियों की तैनाती का अनुमान है.
इनको लगाया जा सकता जगणना मेंः
विशेषज्ञों के मुताबिक सुरक्षा के कड़े इंतजामों से डेटा लीक का खतरा नहीं है. नियमों के मुताबिक राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश शिक्षकों, लिपिकों या किसी अधिकारी अथवा अन्य व्यक्ति को प्रगणक के तौर पर नियुक्त कर सकते हैं.
दो चरणों में होगी जनगणनाः
बता दें कि वर्ष 2027 की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी. जिसके मुताबिक पहले चरण में गृह सूचीकरण और घरों की गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में आबादी की गणना की जाएगी. दस वर्ष में एक बार होने वाली यह जनगणना वर्ष 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण नहीं हो पाई. ऐसे में अब इस जनगणना को कराया जा रहा है.