जयपुरः बीजेपी ने नगरीय विकास संकल्प-पत्र जारी कर दिया. होटल शगुन में सीएम भजन लाल शर्मा ने संकल्प पत्र सामने रखा. सीएम भजन लाल शर्मा ने कचरा मुक्त शहर बनाने ,स्ट्रीट लाइट - सीसीटीवी युक्त शहर , महिलाओं के लिए पिंक टायलेट, सीवरेज मरम्मत और विस्तार समेत कई वायदे जनता से किए. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा समेत प्रमुख नेता रहे मौजूद.
शहरी आमजन के लिए गारंटी लेकर आए हैं सीएम भजन लाल शर्मा. सीएम भजन लाल शर्मा ने जयपुर के होटल शगुन के निकाय चुनावों में बीजेपी का मैनिफेस्टो जारी किया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, सांसद घनश्याम तिवाड़ी ,लोकसभा सांसद मंजू शर्मा, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, सांसद मंजू शर्मा, संतोष अहलावत समेत प्रमुख नेता रहेंगे मौजूद. सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा कि जब वन स्टेट वन इलेक्शन की बात हमने की तब कांग्रेस के एक नेताजी ने कहा काका जी भी नहीं करा सकते है अब काका जी देख ले वन स्टेट वन इलेक्शन हो रहा यमुना जल समझौते के लिये भी यही कहा था कांग्रेस के समय क्या था युवाओं के साथ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण दो दो निगम बना दिए तुष्टिकरण के आधार पर ऐसा किया. हमने नियम बनाकर वार्डो का पुनर्गठन किया खाद्य सुरक्षा के 1करोड़ नाम जोड़े पौधारोपण के लिए 24करोड़ पौधे लगाए.
.... बीजेपी का नगरीय संकल्प पत्र --
. अगले 5 वर्षों में अलग-अलग आय वर्गों के लिए 1 लाख आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की कार्यवाही.
..अगले 5 वर्षों में 7 लाख से अधिक घरों में PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य
.. महिलाओं की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में 2 हजार पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे
.. नए और बाहरी रिहायशी क्षेत्रों में 15 लाख स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी
.वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र: सामुदायिक केंद्रों पर जनभागीदारी से वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे
. पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स, CNG ऑटो और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने की कार्यवाही
.बाजार, पार्किंग और कचरा प्रबंधन
.. प्रत्येक निकाय में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अलग वेंडिंग जोन
.. जरूरत के अनुसार प्रत्येक निकाय क्षेत्र में पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे
.. निगम और नगर परिषद क्षेत्रों में साफ-सुथरे एवं पौष्टिक भोजन के लिए फूड कोर्ट विकसित किए जाएंगे
.. डंपिंग साइट्स पर वर्षों से जमा पुराने कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण
.. घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा
.. अगले 5 वर्षों में 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत और विस्तार
.. सीवर और मैनहोल की सफाई के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक 3-in-1 मशीनों का इस्तेमाल ..सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और निगरानी के लिए प्रत्येक निकाय में CCTV कैमरे
.. प्रमुख सड़कों का विकास और चौराहों का सौंदर्यीकरण
..LED लाइट: प्रत्येक वार्ड तक LED लाइट की व्यवस्था
..पर्यावरण युक्त ट्रैक और ओपन जिम
.. पार्कों में मॉर्निंग वॉक ट्रैक, ओपन जिम और आवश्यकता अनुसार योग शिक्षकों की व्यवस्था
.. हर निकाय में नगर वन और ‘लवकुश वाटिका’ विकसित की जाएंगी
.जन सहयोग से वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट और ग्रीन एरिया विकसित किए जाएंगे.
.. NAKSHA योजना के तहत भरोसेमंद और कानूनी रूप से प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे.
भूमि संबंधी समस्याएं: परिधीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रावधान.
भवन नक्शे: भवन निर्माण के नक्शों की फाइलों का ऑनलाइन प्रक्रिया से एक सप्ताह में निस्तारण.
अनुमति और लाइसेंस: निकायों में अनुमति और लाइसेंस की प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी बनाई जाएगी.
हाईराइज बिल्डिंग: शहरों की जरूरत के अनुसार हाईराइज भवनों के निर्माण पर विचार, साथ ही पानी, आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का ध्यान.
- ट्रैफिक और परिवहन :
ट्रैफिक एवं पार्किंग नीति: सिग्नललेस व्यवस्था, अंडरपास, ब्रिज, मल्टीस्टोरी पार्किंग और सामूहिक पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को शामिल करते हुए नीति बनाई जाएगी.
रिंग रोड: शहरों में ट्रैफिक दबाव और जाम कम करने के लिए रिंग रोड के निर्माण की कार्यवाही.
ट्रैफिक लाइट फ्री सड़कें: मुख्य सड़कों और चौराहों को ट्रैफिक लाइट फ्री बनाने की दिशा में कार्य.
ई-बसें: सभी नगर निगम क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के लिए ई-बस सेवा शुरू की जाएगी.
बिजली लाइन भूमिगत: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हाईटेंशन बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत किया जाएगा.
ईवी चार्जिंग प्वाइंट: ई-बिड के माध्यम से शहरों में EV चार्जिंग प्वाइंट विकसित किए जाएंगे.
- पर्यावरण और जल संरक्षण :
वाटर हार्वेस्टिंग: प्रमुख पार्कों और जलभराव वाले स्थानों पर वर्षाजल संग्रहण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम.
सोलर प्लांट: पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की कार्यवाही.
स्मॉग टॉवर: NCAP और NCR के अंतर्गत आने वाले शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्मॉग टॉवर और एंटी-स्मॉग गन.
कचरा एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन: निजी सहभागिता से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और वेस्ट वाटर मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जाएंगे.
ग्रीन एरिया: नगर वन, वाटिकाओं और स्मृति वन के जरिए शहरी हरियाली बढ़ाने पर जोर.
- युवाओं और रोजगार पर फोकस :
अटल रोजगार मेले: युवाओं के लिए जरूरत के अनुसार रोजगार मेलों का आयोजन.
ई-लाइब्रेरी: क्षेत्रों में आवश्यकता के आधार पर ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था.
नगर निगम इंटर्नशिप: युवाओं को नगर प्रशासन से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप व्यवस्था.
सफाई कर्मियों की भर्ती: सफाई कर्मियों एवं अन्य आवश्यक पदों पर योजनाबद्ध तरीके से भर्ती.
- स्वास्थ्य और खेल सुविधाएं :
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर: प्राथमिक और सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों को आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा.
सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर: मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी यूनिट स्थापित करने की दिशा में कार्य.
इनडोर स्टेडियम: सभी नगर निगम और नगर परिषद मुख्यालयों पर इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे.
ओपन जिम: पार्कों में ओपन जिम और योग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
- विस्तारित निकाय क्षेत्रों पर विशेष फोकस :
जिन नगर निकायों की सीमाओं का विस्तार हुआ है, वहां प्राथमिकता से आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
नए शामिल गांवों में सीवरेज, पेयजल, सफाई, कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था.
नए क्षेत्रों में सड़क, रोड लाइट और बिजली की सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएंगी.
प्रभावित निकायों में पेयजल आपूर्ति में सुधार किया जाएगा.
डोमेस्टिक उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने की दिशा में कार्य किया जाएगा.
- जलभराव और सीवरेज :
जलभराव से प्रभावित निकायों और क्षेत्रों की समस्या का समाधान.
आवश्यकता वाले निकायों में चरणबद्ध तरीके से सीवरेज व्यवस्था विकसित की जाएगी.
अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी.
खराब सड़कों और सीवर लाइनों की CCTV सर्वे के जरिए पहचान.
सड़क खोदे बिना ट्रेंचलेस तकनीक से सीवर लाइन और सड़क की मरम्मत/बदलाव.
- धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण :
शहरों की हवेलियों और अन्य हेरिटेज स्थलों का संरक्षण एवं विकास.
पार्क, तालाब, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल और मोक्षधाम का विकास.
धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत से जुड़े स्थलों के संरक्षण के लिए विकास कार्य.
पर्वतीय, झील क्षेत्रों और आदिवासी क्षेत्रों की विशेष जरूरतों के अनुसार विकास कार्य.
- आवास और सामाजिक सुरक्षा :
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को प्रत्येक निकाय में लागू किया जाएगा.
SC/ST, पात्र OBC और EWS वर्गों को योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य.
निराश्रित पशुओं के लिए जनभागीदारी से शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे.
शेल्टर होम के लिए राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी.
डिस्टर्ब एरिया एक्ट को चुनिंदा शहरों में आवश्यकता के अनुसार लागू करने की कार्यवाही.
- स्मार्ट और तकनीक आधारित शहर :
अभय कमांड सेंटर को AI तकनीक से जोड़ने की कार्यवाही.
AI के जरिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
CCTV आधारित निगरानी व्यवस्था का विस्तार.
कचरा वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग.
भवन नक्शों और अनुमति प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा.
- वार्ड को बनाया जाएगा विकास का आधार :
प्रत्येक निकाय में वार्ड को विकास की मूल इकाई मानकर काम किया जाएगा.
वार्ड स्तर पर सड़क, सफाई, रोशनी, सीवरेज, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर फोकस.
निकायों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग-अलग विकास कार्य और गतिविधियां सुनिश्चित की जाएंगी.
- बाजार और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र :
निकाय क्षेत्रों के बाजारों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों का अध्ययन किया जाएगा.
आवश्यकता के अनुसार नई नीति तैयार की जाएगी.
मौजूदा बाजारों का विकास और नए बाजारों को चिह्नित किया जाएगा.