जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार एवं कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति है. लैंगिक उत्पीड़न के मामले में कॉलेज प्राचार्य बर्खास्त किया है. प्रवक्ता एवं पुस्तकालयाध्यक्ष को भी सेवा से हटाने की मंजूरी दी है. पद-प्रभाव का दुरुपयोग करने पर 6 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति दी है. भ्रष्ट सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकी जाएगी.
5 प्रकरणों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकने की स्वीकृति दी गई है. भ्रष्टाचार से जुड़े 5 प्रकरणों में अब ACB कार्रवाई करेगी. लगभग 40 मामलों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा कार्रवाई की गई है. मुख्यमंत्री ने छात्राओं के लैंगिक उत्पीड़न के एक प्रकरण में सख्त कार्रवाई की है.
कॉलेज के प्राचार्य को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है. घृणित कृत्य में सहयोग करने वाले एक प्रवक्ता और पुस्तकालयाध्यक्ष को भी सेवा से हटाने की मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार एवं अन्य आपराधिक प्रकरणों में पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने से जुड़े 6 गंभीर मामलों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है.
सवाई मानसिंह चिकित्सालय के वरिष्ठ आचार्य, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता, वित्तीय सलाहकार, सहायक अभियंता,विकास अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने का फैसला लिया है. अनुशासनहीनता, दुराचरण एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता के विभिन्न मामलों में निर्णय लिया है.
10 अधिकारियों की पेंशन रोकने का निर्णय लिया गया है. 5 प्रकरणों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकने की स्वीकृति भी दी गई है. एक प्रकरण में न्यायालय से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्धि होने पर शत प्रतिशत पेंशन रोकने का निर्णय लिया है. वहीं अन्य प्रकरणों में विभागीय जांच पूर्ण होने तक शत प्रतिशत पेंशन रोकने का निर्णय लिया है.