जयपुर: चुनाव आयोग पर प्रहार के खिलाफ बीजेपी ने कांग्रेस पर हल्ला बोला हैं. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा गंभीर आरोप जड़े कांग्रेस पर. सीएम भजनलाल शर्मा ने बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में कहा कि कांग्रेस के SIR और निर्वाचन आयोग संबंधी आरोपों को चुनौती देते हुए तथ्यों की पुष्टि करने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया. भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर यह आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद वह अपनी हार के लिए दूसरों पर आरोप लगाती है, जबकि उसे अपनी राजनीतिक गतिविधियों और जनता के बीच काम करने पर ध्यान देना चाहिए,कांग्रेस रसातल की ओर है. कांग्रेस के पास तथ्य है तो प्रमाण दें, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करें.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कांग्रेस को घेरा. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में सीएम भजन लाल शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. भजन लाल शर्मा ने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर कांग्रेस अपनी कमियों और जनसमर्थन की कमी की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगती है. कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप और झूठे प्रपंच की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाने, उनकी समस्याओं को समझने और उनके दुख-दर्द में साथ खड़े होने की आदत डालनी चाहिए. जनता सब देखती और समझती है. यदि कांग्रेस के पास किसी आरोप के समर्थन में तथ्य और प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए, अन्यथा संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास बंद करना चाहिए. राजनीति मेहनत, सत्य और ईमानदारी से होती है, केवल आरोप लगाने से नहीं.
--- CM भजन लाल शर्मा के कांग्रेस पर आरोप ---
-कांग्रेस द्वारा आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर किए गए दावों का आधार क्या है
-और 27 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराए जाने के बावजूद कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रही है ?
-कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद किसी प्रक्रिया पर राजनीतिक आरोप लगाने के लिए उसके पास ठोस तथ्य और प्रमाण क्या हैं
-बिना निर्वाचन आयोग का पक्ष जाने किसी मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल क्यों उठाए गए?
-यदि कांग्रेस नियमों में बदलाव का दावा करती है तो उसे उस बदलाव का आधिकारिक दस्तावेज जनता के सामने रखना चाहिए
-निर्वाचन आयोग द्वारा पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं तथा रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों तक पहुंचने के साथ-साथ छूटे हुए मतदाताओं के घर-घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्र किए जा रहे हैं
-मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और पात्र मतदाताओं को जोड़ने के इन प्रयासों पर भी तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए
-कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है
-लेकिन अब कांग्रेस का झूठ बेनकाब हो गया है
-कांग्रेस का इतिहास राहुल गांधी के नेतृत्व में बार-बार ऐसे झूठे और तथ्यहीन मुद्दों को उठाकर भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का रहा है
-उन्होंने विदेश में जाकर भारत की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए
-बाद में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगनी पड़ी
-इतना ही नहीं वे भारत की सेना के शौर्य पर भी सवाल उठाते हैं
-ऐसे में कांग्रेस और राहुल गांधी जनता को बताए कि उनके पास एसआईआर में कथित मतभेद का प्रमाण क्या है?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और न्यायालयों के संबंध में सार्वजनिक बयान देते समय शब्दों और तथ्यों की जिम्मेदारी भी आवश्यक है. यदि किसी राजनीतिक दल द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तो उनके समर्थन में प्रमाण और दस्तावेज भी जनता के सामने रखे जाने चाहिए. चुनावी हार के बाद कांग्रेस अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने का रास्ता अपनाती रही है.