जयपुरः सरकारी कर्मियों के लीव एंकैशमेंट की राशि काफी समय से अटकने से उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारी संघों और नेताओं की इसे लेकर बार बार मांग होने पर भी अभी सरकारी कर्मचारियों को आश्वासन के भरोसे ही रहना पड़ रहा है.
सचिवालय सेवा में AS के 15 नए पद मिलने और प्रमोशन में अनुभव में दो साल की छूट की मांग तो पूरी हो गई लेकिन GPF/ लीव इनकेशमेंट और अन्य राशि के समयबद्ध भुगतान का मसला अभी तक अटका हुआ है.
कर्मचारियों की समस्या का डाटाबेस
करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारी हैं
अमूमन लगभग सारे कर्मचारी अपने अवकाश बचाकर रखते हैं जिससे उन्हें एक साथ नकद राशि का लाभ मिल सके.
यह राशि इनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काम आती है.
क्योंकि अमूमन वेतन राशि उनके आवास ऋण और रोजाना की जरूरतों को पूरा करने में खर्च हो जाती है.
ऐसे में लाइव इनकेशमेंट की राशि से बड़ा सहारा मिलता है.
हर कर्मचारी का अमूमन 20000 का है लीव इनकैशमेंट बाकी
ऐसे में कुल राशि अरब में हो सकती है.
यह भी कारण है कि कर्मचारी इसका भुगतान चरणबद्ध रूप से करने की मांग कर रहे हैं.
ताकि सरकार पर अचानक इतनी बड़ी राशि को देने का भार नहीं आए.
राज्य सरकार की माली हालत ठीक नहीं होने के हालात पहले भी रहे हैं लेकिन आम कर्मचारियों का कहना है कि कभी लीव इनकैशमेंट में इतनी देरी नहीं हुई.