VIDEO: पंचायत चुनाव के रण में कांग्रेस का परिवारवाद, कांग्रेस ने नेताओं के कई रिश्तेदारों को बांटे टिकट, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: इस बार पंचायत चुनाव के रण में कांग्रेस में परिवारवाद का कार्ड खूब खेला जा रहा है.कांग्रेस ने कई नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिए हैं.कहीं पति और पत्नी दोनों चुनाव लड़ रहे है तो कहीं बेटे औऱ बेटियों को भी टिकट थमा गए हैं.वहीं चुनावी रण में कांग्रेस के कई जिलाध्यक्ष और पीसीसी पदाधिकारी भी चुनाव जंग में कूदे हैं. पंचायत चुनाव की जंग जीतने में जुटी कांग्रेस अब तक दो चरण के चुनाव की टिकटों का वितरण कर चुकी है.

दो फेज के चुनाव की टिकट वितरण का विश्लेषण करें तो कईं फैक्टर निकलकर सामने आए हैं.जिला परिषद औऱ पंचायत समिति सदस्यों के टिकट वितरण में परिवारवाद का जमकर बोलबाला देखा जा रहा है.दिग्गज नेताओं के कई रिश्तेदारों को कांग्रेस पार्टी ने पंचायत चुनाव के रण में उतारा है.वहीं पार्टी के कई पीसीसी पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष औऱ अग्रिम संगठनों से जुड़े नेता भी चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं.

पंचायत चुनाव का रण: 
-कांग्रेस में टिकट वितरण में दिखा परिवार वाद
-कई नेताओं के रिश्तेदारों को कांग्रेस ने दी टिकट
-पूर्व मंत्री,पूर्व विधायक औऱ विधायकों के परिजनों को मिले टिकट
-पूर्व मंत्री ममता भूपेश की बेटी दौसा जिला परिषद से उतरी चुनाव में
-विधायक डीडी बैरवा की पत्नी को मिला दौसा से टिकट
-बाड़मेर में पति-पत्नी गफूर अहमद औऱ शमा बानो को मिला टिकट
-बाड़मेर में पूर्व मंत्री अमीन खान के बेटे को दिया टिकट
-सुधीन्द्र मुंड की पत्नी को झुंझुनूं जिला परिषद सदस्य से उतारा मैदान में
-जोधपुर में एक परिवार में दो भाइयों को मिला टिकट
-अन्य जगह भी कई दिग्गजों के रिश्तेदार उतरे चुनावी रण में
-वहीं पार्टी के कई पदाधिकारियों को भी कांग्रेस ने दिए टिकट
-सीकर और बाड़मेर जिला अध्यक्ष लड़ रहे है जिला परिषद सदस्य चुनाव
-पीसीसी पदाधिकारी मोहन डागर और शिवलाल गोदारा को मिला टिकट
-यूथ कांग्रेस,NSUI,सेवादल,प्रकोष्ठ औऱ विभागों के पदाधिकारी भी लड़ रहे है चुनाव

कांग्रेस पार्टी टिकट वितरण से पहले वंशवाद और परिवारवाद से दूर टिकट वितरण के लाख दावे करती है.लेकिन आखिर में फिर कांग्रेस दिग्गजों के रिश्तेदारों पर दांव खेल देती है.खुद पीसीसी चीफ डोटासरा ने पिछले दिनों पीसीसी बैठक में परिवारवाद से दूर रहने का खूब निवेदन किया था.लेकिन उसके बावजूद जिला प्रमुख औऱ प्रधान बनाने के लिए नेताओं ने अपने परिजनों को चुनावी समर में उतार दिया.ऐसे में इन जगह से टिकट मांग रहे कार्यकर्ता काफी निराश नजर आ रहे है.

नेताओं के परिजनों को टिकट देने से कहीं जगह विरोध की आवाज भी आ रही है.अब आगे के दो चरण के चुनाव के लिए कांग्रेस जल्द टिकटों का वितरण करेगी.अब देखते है शेष दोनों चरणों के चुनाव में कांग्रेस परिवारवाद से तौबा करती है या पहले चरण की तरह रिश्तेदारों को टिकट देने का सिलसिला जारी रहेगा.