जयपुर: फर्स्ट इंडिया एजुकेशन समिट 2026 सीजन-8 का आयोजन किया जा रहा है. जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में कार्यक्रम की शुरुआत हुई. डिप्टी सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं. डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि बच्चे के पास डिग्री के तौर पर सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं होना चाहिए. उसके पास ऐसी स्किल्स होनी चाहिए, जिससे वह आगे बढ़ सके. उसके अंदर ऐसा कौशल विकसित होना चाहिए, जो जीवनभर काम आए. पूरे देश में राजस्थान उच्च शिक्षा और कोचिंग का बड़ा हब बन चुका है. शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि कौशल और रोजगार होना चाहिए. कौशल आधारित शिक्षा से ही विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा.
इस समाज की सबसे मजबूत नींव शिक्षा:
डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि जब हमारी सरकार आई तब शिक्षा में कई चुनौतियां थी. कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकों के पद बड़ी चुनौती थी. लेकिन हमने समय रहते इन चुनौतियों को दूर किया. इस समाज की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है. इस सदी में वही देश नेतृत्व करेगा जिसके पास ज्ञान होगा, तकनीक होगी और रिसर्च होगा.
बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए साझा संवाद और सहयोग जरूरी:
डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि ऐसे कॉन्क्लेव शिक्षा की नीतियों को नई दिशा और मजबूती देते हैं. विचारों के मंथन से शिक्षा सुधार का भविष्य तय होता है. बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए साझा संवाद और सहयोग जरूरी है. आज की समिट शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी.
डॉ.प्रेमचंद बैरवा की पहचान सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं:
कार्यक्रम को फर्स्ट इंडिया के CEO एवं मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने संबोधित किया. CEO एवं मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने कहा कि डॉ.प्रेमचंद बैरवा की पहचान सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है. भजन गायन और आध्यात्मिक आयोजनों में भी सक्रिय भागीदारी रहती है. मंच पर भक्ति में सराबोर अंदाज से लोगों का दिल जीतते हैं. राजनीति के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभाते हैं.
शिक्षा जगत की उत्कृष्ट संस्थाओं को किया सम्मानित:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा मौजूद रहे. फर्स्ट इंडिया के CEO एंड मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए. शिक्षा जगत की उत्कृष्ट संस्थाओं को सम्मानित किया जा रहा है. कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद है.