राजस्थान में बिजली क्राइसिस के बीच कोयल का भी गहरा रहा संकट, छत्तीसगढ़ स्थित माइनिंग क्षेत्र में बरसात और पानी भरने से गड़बड़ाई आपूर्ति

राजस्थान में बिजली क्राइसिस के बीच कोयल का भी गहरा रहा संकट, छत्तीसगढ़ स्थित माइनिंग क्षेत्र में बरसात और पानी भरने से गड़बड़ाई आपूर्ति

जयपुर: राजस्थान में बिजली क्राइसिस के बीच कोयल का भी संकट गहरा रहा है. छत्तीसगढ़ स्थित माइनिंग क्षेत्र में बरसात और पानी भरने से आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है. राजस्थान समेत देशभर के पावर प्लांट में कोयले का बड़ा संकट खड़ा हुआ है. 

RVUNL के आधा दर्जन बड़े पावर प्लांट में महज 3 से 5 दिन का बचा कोयला है.  कोटा, सूरतगढ़ और सूरतगढ़ सुपरक्रिट्रिकल थर्मल में तीन-तीन दिन का कोयला है. जबकि छबड़ा थर्मल में चार दिन और छबड़ा सुपरक्रिट्रिकल में तीन दिन का कोयला है. 

कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट में 69064 मीट्रिक टन कोयला, पांच दिन का ये स्टॉक है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक आगामी कुछ दिनों में खदानों से कोयले की सप्लाई बढ़ सकती है. लेकिन बिजली मांग को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने  "क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान" पर मंथन शुरू कर दिया है.