जयपुर : हयात होटल में 'पाञ्चजन्य शासन संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पाञ्चजन्य राष्ट्रवाद विचारधारा की आवाज रहा है. पाञ्चजन्य गांव ढाणी में नहीं पहुंच पाता था. किसी दफ्तर में मिलता था. वहीं हम इसे पढ़ा करते थे.
आज भी उसकी वही भूमिका है. जो हमे गौरव सिखाता था. राष्ट्र के प्रति प्रेम सिखाता था. ये हमारे पूर्वजों का किया हुआ है. दुनिया में ऐसा कोई राष्ट्र आपको नहीं मिलेगा. संस्कृति और स्वाभिमान की गाथा पाञ्चजन्य है.
RSS ने समाज के ओर देश के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा दी है. अंतिम पायदान पर जो व्यक्ति है जब तक उसे लाभ नहीं मिलेगा तब तक हमारा राष्ट्र आगे भी बढ़ सकता है. दुनिया की कोई ताकत हमारी संस्कृति में बदलाव नहीं कर सकती.
हमारे शास्त्रों में बहुत कुछ है. हमारी संस्कृति को देखें हमारे विचारों को देखें. ये राष्ट्र चला तो कर्तव्य के माध्यम से चला. उसी में हमारे अधिकार सीमित थे. माता पिता के बिना कुछ नहीं है. गुरु के बिना कुछ नहीं है.