VIDEO: वोट चोरी और चुनाव आय़ोग को लेकर इंडिया गठबंधन का महामंथन, 2 अक्टूबर से 1 नवंबर तक देशभऱ में आंदोलन चलाने का हुआ फैसला, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में वोट चोरी मसले पर 19 सियासी दलों ने मंथन किया.बैठक में अगले एक माह तक देशभर में आंदोलन चलाने का फैसला किया गया.तमाम विपक्षी दलों ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को नहीं हटाया जाएगा तब तक देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा. दोनों चुनाव आयुक्तों की शिकायत के मामले का खुलासा होने के बाद चुनाव आयोग एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है.

बुधवार को वोट चोरी औऱ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को लेकर दिल्ली में इंडिया गठबंधन दलों ने मंथन किया.बैठक में करीब 19 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.कांग्रेस से खड़गे,सोनिया गांधी औऱ राहुल गांधी बैठक में शामिल हुए.बैठक में तय किया कि तमाम इंडिया गठबंधन के दल मिलकर चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे.

वोट चोरी और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष हुआ हमलावर: 
-इंडिया गठबंधन के 19 दलों ने किया दिल्ली में महामंथन
-बैठक में तमाम विपक्षी दलों ने देशभर में आंदोलन चलाने का लिया फैसला
-2 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर तक देशभर में विपक्ष करेगा प्रदर्शन
-2 से 8 अक्टूबर तक जिलों में होगा सेल डेमोक्रेसी मार्च
-6 अक्टूबर को चुनाव आय़ोग के दफ्तर तक निकाला जाएगा मार्च
-अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में फिर विपक्ष राष्ट्रपति को देगा ज्ञापन
-देशभर में 5 बड़ी रैलियां आयोजित करेगी इंडिया गठबंधन
-1 नवंबर को आखिर में फिर दिल्ली में होगी एक बड़ी रैली

बैठक के बाद विपक्ष के नेताओं ने कहा कि आज देश में चुनाव आय़ोग को सत्ता ने अपना कठपुतली बना लिया है.भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी कर रही है.ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल सहित कई राज्यों में बीजेपी ने वोटों की चोरी करके चुनाव जीते हैं.राहुल गांधी ने कहा कि सभी मिलकर आज लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं लेकिन हम सब मिलकर बदलाव करेंगे.

बैठक में इंडिया गठबंधन दल ने कई अहम फैसले लिए.जिसके तहत सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो,वोटर लिस्ट से नाम हटाने औऱ जोड़ने का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से देश में चुनाव कराए जाए.कुल मिलाकर दीपावली तक अब विपक्ष की राजनीति पूरी तरह से अब वोट चोरी और चुनाव आयोग के खिलाफ केंद्रित रहेगी.अब देखते है विपक्ष की इस लड़ाई को पब्लिक किस नजरिए से लेती और देखती है.