जयपुरः अरावली की परिभाषा तय करने सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी सक्रिय हो गई है. 6 अगस्त से राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में मैदानी सर्वे शुरू होगा. कमेटी अरावली क्षेत्र के भू-विज्ञान, पर्यावरण और जैव विविधता का अध्ययन करेगी. खनन, भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों का भी वैज्ञानिक आकलन होगा.
31 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट को कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. अरावली की पहचान तय होने से संरक्षण और खनन नीतियों पर असर पड़ेगा. सर्वे में सरकार, वैज्ञानिक, ग्रामीण और सभी हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे.