भ्रष्टाचार पर एसीबी का वार, 205 ट्रैप और 250 गिरफ्तार... बड़े अफसर भी निशाने पर, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार बड़े एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन और एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग में अब कार्रवाई सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली "बाबुओं" तक भी पहुंच चुकी है. करोड़ों के घोटालों से लेकर लाखों की रिश्वत तक, एसीबी ने इस साल रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचारियों में खलबली मचा दी है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में एसीबी ने पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है. इस वर्ष अब तक 205 ट्रैप और अन्य भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया है. इन अभियानों में 250 से अधिक रिश्वतखोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिससे सरकारी तंत्र में साफ संदेश गया कि भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

एसीबी की कार्रवाई अब छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. ब्यूरो ने बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली अफसरों को भी कानून के दायरे में लाकर यह साबित किया है कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति कार्रवाई से बच नहीं सकता. इस दौरान 13 लाख, 11 लाख, 8 लाख, 7 लाख, 4 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये तक की रिश्वत लेते हुए आरोपियों को ट्रैप किया गया. इसके अलावा एक लाख और उससे अधिक राशि के कई मामलों में भी सफल कार्रवाई हुई.

राजस्थान के चर्चित जल जीवन मिशन (JJM) भ्रष्टाचार प्रकरण में भी एसीबी ने प्रभावी कार्रवाई की. इसके साथ ही कृषि विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई. इससे यह स्पष्ट हुआ कि एसीबी का अभियान किसी एक विभाग तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में लगातार जारी है.     

इन सभी कार्रवाइयों का नेतृत्व एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया. वहीं डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह, डीआईजी नारायण टोगस और डीआईजी ओमप्रकाश मीणा ने प्रदेशभर में विभिन्न अभियानों का सुपरविजन कर कार्रवाई को प्रभावी बनाया.राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी का यह अभियान लगातार तेज होता जा रहा है. बड़े अफसरों तक पहुंचती कार्रवाई और रिकॉर्ड संख्या में ट्रैप यह संकेत दे रहे हैं कि अब रिश्वतखोरी पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जाएगा. आने वाले समय में भी एसीबी की ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है.