जयपुर: यह अगस्त मायूस कर गया..! तीन साल में सबसे कमजोर अगस्त का माह रहा. पिछले साल 370 बांध लबालब थे. इस साल संख्या 60 भी नहीं है, जबकि वर्ष 2024 में अगस्त तक 270 बांध लबालब हुए थे. पिछले साल कोटा और बांसवाड़ा जोन के बांधों ने रिकॉर्ड तोड़ा था. कुल भराव क्षमता का 94 प्रतिशत पानी हो गया था. इस साल अगस्त तक 75 प्रतिशत भी नहीं पहुंच सका. पिछले साल कुल भराव क्षमता का 84 प्रतिशत पानी था. इस अगस्त तक बांधों में कुल भराव क्षमता का 58 प्रतिशत पानी आया.
मानसूनी सीजन में बारिश गायब:
आपको बता दें कि मानसूनी सीजन में बारिश गायब हो गई है. राजस्थान में मानसून सीजन को 3 महीने हो चुके हैं, अब एक माह शेष है. लेकिन आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है. सिर्फ डीग और फलोदी में ही सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है. जबकि पिछले साल इस अवधि में 37 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी.
अगले माह भी मानसून कमजोर:
अब अगले माह मानसून कमजोर रहने से बारिश का कोटा पूरा होना मुश्किल है. डीग में सामान्य 408.66 मिमी के मुकाबले 556.67 मिमी बारिश हुई. फलोदी में सामान्य 155.39 मिमी के मुकाबले 198.33 मिमी बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना है. इसके अगले 24 घंटे में तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है. इसके असर से 3 सितंबर से बारिश शुरू हो सकती है. जयपुर में 23.11% और राजस्थान में 17.84 फीसदी कम बारिश हुई है.
किसानों की बढ़ी चिंता:
आपको बता दें कि खरीफ की बुवाई के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है. अगस्त की बारिश ने कई जिलों में मायूस किया है. पश्चिमी राजस्थान में एक पखवाड़े से बारिश का इंतजार हो रहा है. अगस्त का अंतिम सप्ताह भी किसानों पर भारी रहा. अब तक खरीफ की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले पूरी नहीं हो सकी है. बुवाई का आंकड़ा 95 प्रतिशत पर आकर अटक गया. किसानों ने कहा कि बारिश नहीं तो कुछ स्थानों पर फसल खराब होगी.