निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 90 फीसदी टिकट किए फाइनल, बागियों से बचने के लिए आखिरी वक्त पर होगा नामों का ऐलान, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां अंतिम चरणों में चल रही है. कांग्रेस ने करीब 90 फीसदी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के संभावित प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं और फॉर्म भरने का इशारा कर दिया है. टिकट के लिए कांग्रेस का फोकस 'जिताऊ और टिकाऊ' चेहरे पर है. पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस जीत का दावा करते हुए विभिन्न चुनावी मुद्दे गिनाए हैं. इस बीच पाली में बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए पांच बार के पार्षद राकेश भाटी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. निकाय चुनाव से पहले इन घटनाक्रमों ने राजस्थान की सियासत गरमा दी है. 

प्रदेश में निकाय चुनाव की सियासी बिसात बिछ चुकी है. एक तरफ भाजपा तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने टिकट वितरण को लेकर अपनी कवायद अंतिम चरण में पहुंचा दी है. कांग्रेस ने करीब 90 फीसदी टिकट फाइनल कर दी है. प्रभारियों के माध्यम से सिंबल जिलों में भिजवाए जा रहे हैं. कांग्रेस की रणनीति है कि जिला स्तर पर ही उम्मीदवारों के नाम नामांकन की आखिरी तारीख पर घोषित किए जाए, ताकि बागियों से बचा जाए. हालांकि जिनकी टिकट तय हो चुकी है, उनको सोमवार को नामांकन भरने का इशारा कर दिया है. जयपुर सहित कई शहरों में तो पार्टी का इशारा पाते ही दावेदारों ने प्रचार भी शुरू कर दिया है. इधर जयपुर में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आज दिनभर वॉर रूम में मैराथन बैठकें करके अधिकांश विवादित मामले भी निपटा दिए हैं. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के मुताबिक प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों पर कोऑर्डिनेटरों को भेजकर फीडबैक लिया गया था. रिपोर्ट मिलने के बाद करीब 90 फीसदी विधानसभा क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन चुकी है. जहां टिकट को लेकर खींचतान या विवाद है, वहां कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं की राय लेगी. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, भंवर जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी और सीपी जोशी समेत वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद अंतिम फैसला होने की बात कही गई है.

कांग्रेस इस बार टिकट वितरण में सिर्फ सिफारिश नहीं, बल्कि जीत की क्षमता को आधार बनाने का दावा कर रही है.  पार्टी का फॉर्मूला 'जिताऊ और टिकाऊ' होगा. युवाओं, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और जमीनी कार्यकर्ताओं से भी नाम सामने आए हैं. यानी कांग्रेस की कोशिश ऐसे चेहरों पर दांव लगाने की है, जिनकी जनता के बीच पकड़ हो और संगठन में सक्रियता भी. टिकट की तैयारियों के साथ कांग्रेस ने निकाय चुनाव के मुद्दे भी तय करने शुरू कर दिए हैं. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा. स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च हुए पैसे से लेकर सफाई व्यवस्था, जलभराव और सीवर की समस्या तक जूली ने सरकार को घेरा और दावा किया कि इस बार जयपुर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा.    

इधर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने का दावा किया है. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में पांच बार पार्षद रहे राकेश भाटी ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. शनिवार को कांग्रेस वॉर रूम में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में राकेश भाटी ने कांग्रेस की सदस्यता ली. राकेश भाटी पाली नगर परिषद के पांच बार पार्षद रह चुके हैं. वह उपसभापति और सभापति की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और पाली बीजेपी के जिला महामंत्री भी रह चुके हैं. उनकी पत्नी रेखा भाटी पाली नगर परिषद की निवर्तमान सभापति रही हैं. कुल मिलाकर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने एक तरफ टिकट वितरण को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है, तो दूसरी तरफ स्थानीय मुद्दों और बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाने की रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया है.