जयपुरः संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देश भर में 'समरसता संकल्प अभियान' शुरु करेगी. 29 जुलाई से प्रदेश भर में अभियान शुरू होगा. सभी 1138 मंडलों पर होंगे हरि कीर्तन और सत्संग कार्यक्रम 23 जुलाई को RIC में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला होगी. सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार और राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम भी मौजूद रहेंगे. अभियान की जिलों टोलिया भी कार्यशाला में शामिल होगी. बीजेपी के अभियान को दलित वर्ग से जोड़ कर देखा जा रहा.
ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न ।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न ॥
संत रविदास जी कहते हैं कि मैं ऐसे राज्य की कल्पना करता हूं जहां सभी को भरपेट अन्न मिले, कोई भूखा न रहे। छोटा- बड़ा सब एक साथ समरसता और प्रेम से रहें, जिससे सभी प्रसन्न रहें. संत रविदास को भक्ति आंदोलन के एक अग्रणी प्रवर्तक के रूप देखा जाता है. जिनका जन्म 1376 ईसवीं मे माघ मास की पूर्णिमा को बनारस के गोवर्धनपुर गांव में हुआ था. उनके पिता संतोख दास पेशे से चर्मकार थे, और मां कर्मा बेहद धार्मिक प्रवृत्ति की स्त्री थीं. रविवार के दिन जन्म होने के कारण उनका नाम रविदास रखा गया था. संत रविदास के अनुयायी देश-विदेश में फैले हुए है जो उन्हें भिन्न-भिन्न नामो से पुकारते हैं. गुजरात और महाराष्ट्र में उन्हें रोहिदास कहा जाता है, बंगाल में रुई दास कहते हैं, जबकि पांडुलिपियो में रामदास, रैदास, रेमदास और रौदास नाम प्रचलित. धीरे-धीरे लोग रविदास की वाणी प्रभावित होने लगे. उनके अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी. देखते ही देखते वह संत शिरोमणि के रूप में प्रसिद्ध होने लगे. 'रविदसिया पंथ' गुरु रविदास की शिक्षाओं पर आधारित पन्थ है. इन्होंने जात-पात का घोर खंडन किया और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया. वे जूता बनाने का कार्य करते थे. गुरु ग्रन्थ साहिब मे इनके 41 पद है जो इनके ही 16 रागों मे संकलित हैं. रविदास जूते बनाने के अपने परंपरागत व्यवसाय के साथ भक्ति मार्ग पर चले. कहा जाता है वे भक्त शिरोमणि मीरा बाई के गुरु थे. संत रविदास की 650वी जयंती पर 29 जुलाई को होगी बीजेपी ने इसे लेकर अभियान की शुरुआत की हैं 20 फरवरी तक चलेगा अभियान राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों में प्रदेश स्तरीय कार्यशालाएं और कार्यक्रम आयोजित जायेंगे. बीजेपी ने कार्यक्रमों को लेख प्रदेश स्तरीय कमेटी का निर्माण भी किया हैं बीजेपी प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी को बनाया है प्रदेश संयोजक SC मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष निहाल चंद मेघवाल, विधायक अनिता भदेल, पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल और पूर्व विधायक जगसी राम कोली को सदस्य बनाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से आव्हान किया है कि संत रविदास के विचारों को जन जन तक पहुंचाए. हालांकि कार्यक्रमों को दलित वर्ग के बीच राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा. पंजाब में चुनावों का समय आने वाला है यूपी में भी. पंजाब में दलितों के करीब 39 उपवर्ग हैं. इनमें भी 5 उपवर्ग ऐसे हैं, जिनमें 80% दलित आबादी आ जाती है. इनमें 5 उपवर्गों में भी 30% मजहबी सिखों के बाद दूसरे सबसे बड़े रविदासिया हैं. रविदास पंथ को मानने वाले कुल दलित आबादी के लगभग 24% के करीब होते हैं. ये वर्ग अधिकांश पंजाब के दोआबा क्षेत्र में रहते हैं. इस क्षेत्र में जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला जैसे जिले आते हैं. रविदास जयंती का ये महत्व है कि रविदास जयंती के मद्देनजर पहले पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीख बदलनी पड़ी थी.राजस्थान के नहरी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में रविदासी बसते हैं. जयपुर में बीजेपी के अलावा श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ भी बड़े कार्यक्रम करने की तैयारी में हैं.
संत रविदास का जीवन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ रहा और समरसता का संदेश देने वाला रहा उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है. बीकानेर से सांसद और देश के केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल अक्सर रैदास के भजन गाते देखे जा सकते है.