जयपुरः जयपुर में पालतू श्वानों और बिल्लियों को लेकर नगर निगम 2 अगस्त को बड़ी पहल शुरू करने जा रहा है नगर निगम की ओर से आगामी 2 अगस्त को दुर्गापुरा में डॉग्स और बिल्लियो के लिए फ्री वैक्शीनेशन कैंप लगाया जाएगा वहीं इस कैंप में पालतू डॉग्स और पालतू बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा आज निगम मुख्यालय में हुई प्रेसवार्ता में नगर निगम आय़ुक्त ओम कसेरा ने अभियान को लेकर जानकारी साझा की.
श्वानों और बिल्लियाँ पालकों के लिए नई पहल
अब केम्प लगाकर निगम करेगा डॉग्स का रजिस्ट्रेशन
2 अगस्त को फ्री रेबीज सिटी बनाने का होगा प्रयास
सबसे पहले पालतू डॉग्स और केट्स का किया जाएगा रेजिस्ट्रेशन
नगर निगम की ओर लगाया जाएगा फ्री वेक्सिनेशन कैंप
घर बैठे ही आमजन करवा सकेंगे अपने पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन
नगर निगम की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए जारी किया जाएगा लिंक
जल्द ही डॉग्स स्लेटर के लिए निगम चिन्हित करेगा जमीन
नगर निगम की ओर से आचार संहिता से पहले किए जाएंगे टेंडर
आने वाले दिनों में नगर निगम आमजन को घर बैठे अपने पालतू डॉग्स और कैट्स का रजिस्ट्रेशन करवाने की सुविधा उपलब्ध कराएगा इसके लिए जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन लिंक जारी किया जाएगा, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के अपने पालतू जानवरों का विवरण दर्ज करा सकेंगे. इसके साथ ही नगर निगम विभिन्न क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित कर पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाएगा. यह पहल केवल रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर को "रेबीज फ्री सिटी" बनाने के बड़े लक्ष्य से भी जुड़ी हुई है. नगर निगम 2 अगस्त से विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी में है, जिसके तहत पालतू डॉग्स और कैट्स का निशुल्क वैक्सीनेशन किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि यदि शहर के अधिकतम पालतू जानवरों का डेटा उपलब्ध होगा और उन्हें समय-समय पर टीकाकरण की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा तो रेबीज जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा. रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ नगर निगम डॉग शेल्टर के लिए भी जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है. इसके लिए आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की जा रही है. इससे न केवल पशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि आवारा और परित्यक्त पशुओं के संरक्षण एवं प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी.
जयपुर नगर निगम की यह पहल सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और रेबीज मुक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है. यदि नगर निगम की यह योजना सफल होती है तो जयपुर प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है, जहां पालतू पशुओं का संपूर्ण डिजिटल डाटाबेस और स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र विकसित होगा.