खरीफ फसल-2026 से जुड़ी खबर, कृषि विभाग की फसलों को रोगों से बचाने की सलाह, मौसम में मूंग, मोठ, चंवला व उड़द दलहनी फसलों के लिए सलाह जारी

खरीफ फसल-2026 से जुड़ी खबर, कृषि विभाग की फसलों को रोगों से बचाने की सलाह, मौसम में मूंग, मोठ, चंवला व उड़द दलहनी फसलों के लिए सलाह जारी

जयपुर: खरीफ फसल-2026 से जुड़ी खबर मिल रही है. कृषि विभाग की फसलों को रोगों से बचाने की सलाह दी गई. मौसम में मूंग, मोठ, चंवला व उड़द दलहनी फसलों के लिए सलाह जारी किया गया. वर्तमान समय में मूंग की फसल में पीला मोजेक रोग का प्रकोप से बचाने की सलाह दी गई. यह रोग मूंग के अलावा मोठ, उड़द जैसी दलहनी फसलों को भी प्रभावित करता है. 

कृषि विभाग की मानें तो इस रोग के बाद फसल उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आ सकती है. रोग के लक्षणों में पत्तियों पर चितकबरे पीले धब्बे दिखाई देने लगते, पत्तियों का सिकुड़ना, फलियों का विकृत होना व फलियों की संख्या कम होना शामिल है. रोग का संक्रमण फसल की शुरुआती अवस्था में हो जाए, तो पौधों की वृद्धि रुक सकती है. यह रोग मुख्य रूप से सफेद मक्खी जैसे रस चूसक कीटों द्वारा फैलता है.

रोग के प्रभावी नियंत्रण के लिए संक्रमित पौधों को खेत से निकालकर नष्ट करें. प्रति हेक्टेयर 150 मिलीलीटर इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल या 200 ग्राम फ्लोनीकामिड 50% WG या एक लीटर डायमिथोएट 30 ईसी का घोल बनाकर छिड़काव करें. कृषि विभाग के अनुसार दूसरा छिड़काव 15 दिन के अंतराल पर करें. छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क एवं पूरे सुरक्षा वस्त्र पहनें और केवल साफ और शांत मौसम में ही कृषि रसायनों का उपयोग करें.