नई दिल्ली : राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर निर्मोही अखाड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. पुनर्गठन और वित्तीय लेन-देन की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के पुनर्गठन के लिए निर्देश देने की मांग की है.
अखाड़े ने कहा कि ट्रस्ट में शामिल लोगों का राम जन्मभूमि से कोई ऐतिहासिक, धार्मिक या कानूनी संबंध नहीं है. ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. जिससे राम मंदिर की छवि पर असर पड़ा है. ट्रस्ट में अखाड़े को उचित भूमिका और प्रतिनिधित्व देने की मांग की है. राम मंदिर ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है.
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर निर्मोही अखाड़ा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
-पुनर्गठन और वित्तीय लेन-देन की फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग
-'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के पुनर्गठन के लिए निर्देश देने की मांग की
-अखाड़े ने कहा-'ट्रस्ट में शामिल लोगों का राम जन्मभूमि से कोई ऐतिहासिक, धार्मिक या कानूनी संबंध नहीं'
-'ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे'
-'जिससे राम मंदिर की छवि पर असर पड़ा है'
-ट्रस्ट में अखाड़े को उचित भूमिका और प्रतिनिधित्व देने की मांग की
-राम मंदिर ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग