नाना पाटेकर के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा-अपनी बात कहने में कभी हिचकिचाते नहीं थे

नाना पाटेकर के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा-अपनी बात कहने में कभी हिचकिचाते नहीं थे

नई दिल्ली: नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताते हुए कहा कि अपनी बात कहने में कभी हिचकिचाते नहीं थे. नाना पाटेकर जैसी तीव्रता,अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है. हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा. उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की 'X' पर पोस्ट: 
मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'X' पर पोस्ट की. उन्होंने लिखा है कि हिंदी एवं मराठी सिनेमा के महान अभिनेता, पद्म श्री से सम्मानित नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. वे एक कर्मठ अभिनेता के साथ ही अप्रतिम राष्ट्रभक्त भी थे. वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय प्रादेशिक सेना में मानद कैप्टन के रूप में अपनी सेवा दी. उनका जाना भारतीय कला जगत और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका सशक्त अभिनय, प्रखर व्यक्तित्व और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण सदैव अविस्मरणीय रहेगा. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें ॐ शांति!

75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन:

आपको बता दें कि गोवा में दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. उन्हें रात करीब साढ़े 3 बजे दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया था. डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही नाना पाटेकर की मौत हो चुकी थी. आपको बता दें कि 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन हुआ. हार्ट अटैक की वजह से नाना पाटेकर का निधन हुआ. आज सुबह 5:20 बजे नाना पाटेकर का निधन हुआ. गोवा के मणिपाल अस्पताल में निधन हुआ. नाना के बेटे मल्हार ने जानकारी दी.उनके निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई. नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है.

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में जन्म हुआ था. मुंबई के सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से नाना ने शिक्षा प्राप्त की. हिंदी और मराठी सिनेमा में अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में पहचान बनाई. 1978 की फिल्म ‘गमन’ से हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया. ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’ और ‘परिंदा’ से अलग पहचान मिली.

उदय शेट्टी के किरदार से कॉमेडी में बनाई पहचान:

1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला. ‘परिंदा’ के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से भी सम्मानित हुए. 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में शानदार अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.‘अग्निसाक्षी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला. नाना पाटेकर ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन भी कर चुके हैं. ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ में भी दमदार अभिनय किया. ‘अपहरण’, ‘राजनीति’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाए. 

फिल्म ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार से कॉमेडी में भी पहचान बनाई. अभिनय के लिए नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले. 2013 में भारत सरकार ने पद्मश्री से भी नाना पाटेकर को सम्मानित किया गया. नाना पाटेकर अभिनय के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे. 2015 में मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की स्थापना की. नाम फाउंडेशन किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता कार्य करता है. दमदार संवाद अदायगी और गंभीर अभिनय के लिए नाना पाटेकर खास पहचान रखते हैं.