VIDEO:"सफर लंबा है, पर संकल्प वही", नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो साल पूरे, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर राहुल गांधी ने एक बयान जारी करके कहा कि इन दो वर्षों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना. NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा. कांग्रेस नेता भी राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो साल के कार्यकाल को लेकर सराहना कर रहे हैं. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल ने दो साल में बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और संविधान की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लगातार संसद और जनता के बीच प्रमुखता से उठाया. 

राहुल गांधी के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो साल पूरे हो गए हैं. इस दौरान राहुल व सत्ता पक्ष में विभिन्न मुद्दों पर तीखे हमले देखने को मिले. केंद्र सरकार ने उनके कई आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए खारिज किया और विकास तथा सुशासन को अपनी प्राथमिकता बताया. वहीं इन दो वर्षों में राहुल गांधी की भूमिका केवल सरकार की आलोचना तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने विपक्ष की रणनीति और राजनीतिक विमर्श को भी नई दिशा देने का प्रयास किया.

आने वाले चुनावों के मद्देनजर उनकी संसदीय सक्रियता और विपक्ष को एकजुट रखने की कोशिश भी दिखाई दी. राहुल गांधी ने दो साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि "लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो साल पूरे हुए. इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना. NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा.  सड़क से संसद तक, आपा भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है. सफर लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा.

इन दो साल में 24 राज्यों के दौरे व 162 जनसभाएं की: 
-संसद में 10 बार भाषण दिया, 213 जनसंवाद किए
-62 बार प्रेस कान्फ्रेंस या मीडिया से बात की इस दौरान
-कांग्रेस के कार्यक्रमों में 187 बार हिस्सा लिया राहुल ने
-70 आधिकारिक कार्यक्रमों में शिरकत की नेता प्रतिपक्ष ने
-अब 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में जुटे हुए हैं राहुल गांधी

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के दो साल के नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्यकाल पर कहा कि इन दो सालों में राहुल गांधी ने देश की राजनीति पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है. वे लगातार किसानों, मजदूरों, गरीबों के हक और देश के समग्र विकास की बात कर रहे हैं. सरकार की जो भी नीतियां और कमियां होती हैं, उन्हें वे लगातार पुरजोर तरीके से उठाते रहते हैं. राहुल देश की आवाज को सदन के अंदर भी और सदन के बाहर भी मजबूती से बुलंद कर रहे हैं. उनका यह दो साल का कार्यकाल बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा है.

राहुल गांधी ने जून 2024 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला था. यह पद करीब दस साल तक खाली रहा था, क्योंकि 16वीं और 17वीं लोकसभा में किसी भी विपक्षी दल के पास आवश्यक संख्या नहीं थी. संसदीय नियमों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए किसी पार्टी के पास लोकसभा की कुल 543 सीटों में से कम से कम 55 सीटें होना जरूरी है.2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतकर यह आंकड़ा पार किया और राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने. साल 2004 में सक्रिय राजनीति में आने के बाद यह राहुल गांधी का पहला औपचारिक संवैधानिक पद है. इसके साथ ही गांधी परिवार में वह तीसरे नेता हैं जिन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली है. इससे पहले सोनिया गांधी और राजीव गांधी भी यह पद संभाल चुके हैं.